
नशे के सरगना की सरेआम परेड निकालती पुलिस। फोटो: पत्रिका
बाड़मेर। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की बड़ी कार्रवाई के बाद एक लाख रुपए के इनामी कुख्यात ड्रग माफिया रमेश विश्नोई को गिरफ्तार कर धोरीमन्ना लाया गया, जहां भारी पुलिस जाब्ते के बीच कस्बे के प्रमुख बाजारों में उसकी पैदल परेड करवाई गई। इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने नशा तस्करों और संगठित अपराधियों को साफ संदेश दिया कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल किसी भी अपराधी को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपी रमेश विश्नोई महाराष्ट्र और राजस्थान में सक्रिय एमडी ड्रग तस्करी गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क, केमिकल सप्लायर, फाइनेंसर और फैक्ट्री संचालन से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
पुलिस के अनुसार रमेश विश्नोई पिछले वर्ष बाड़मेर जिले के सेड़वा थाना क्षेत्र में दर्ज अवैध एमडी ड्रग प्रकरण में फरार चल रहा था। लंबे समय से फरारी काट रहे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बावजूद वह लगातार ठिकाने बदलकर कानून को चुनौती देता रहा।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एएनटीएफ आइजी विकास कुमार के निर्देशन में विशेष अभियान ऑपरेशन विषाणुबहु चलाया गया। इसी अभियान के तहत एएनटीएफ की विशेष टीम ने आरोपी को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नाम बदलकर वहां केमिकल का बड़ा व्यापारी बनकर रह रहा था और दोबारा एमडी ड्रग फैक्ट्री स्थापित करने की तैयारी में जुटा हुआ था।
12वीं पास करने के बाद शौक पूरे करने के लिए शुरू की गई वाहन चोरी आगे चलकर रमेश का पेशा बन गई। सैकड़ों वाहन चोरी कर तस्करों को बेचे, फिर शराब तस्करी और अंततः एमडी ड्रग्स के अवैध कारोबार का बड़ा खिलाड़ी बन गया।
महज 31 साल के रमेश बिश्नोई ने महाराष्ट्र जेल में कुख्यात सरगना डॉ. बिरजू से खतरनाक ड्रग्स एमडी बनाने का फॉर्मूला सीखा था। जेल से बाहर आते ही उसने एमडी ड्रग्स का अवैध कारोबार शुरू किया। पहले वह महाराष्ट्र में एमडी बनाकर राजस्थान में सप्लाई करता था, लेकिन अधिक मुनाफे के लिए उसने राजस्थान में ही कई फैक्ट्रियां डाल दी। सहयोगियों की जमीन और मकानों में फैक्ट्री लगवाई जाती थी। केमिकल एक्सपर्ट और कच्चा माल मुंबई-पुणे और गुजरात से मंगाया जाता था।
धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के नेड़ी नाड़ी गांव का रहने वाला रमेश विश्नोई पूर्व में महाराष्ट्र की जेल में रहने के दौरान बड़े ड्रग माफियाओं के संपर्क में आया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने महाराष्ट्र, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्रियां स्थापित कर नशे का संगठित नेटवर्क खड़ा किया।
महाराष्ट्र, बाड़मेर, प्रतापगढ़ और सिरोही में उसकी गैंग द्वारा संचालित कई ड्रग फैक्ट्रियों का पुलिस पहले ही भंडाफोड़ कर चुकी है। आइजी एएनटीएफ विकास कुमार ने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। फरार और इनामी अपराधियों को देश के किसी भी कोने से पकड़कर लाया जाएगा। इस कार्रवाई से तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता मिली है।
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Published on:
18 Jan 2026 09:03 am
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