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तीन दिन का अल्टीमेटम जारी… यूपी के इस जिले में कर्मचारियों का मार्च का वेतन अटक सकता है, वजह जानिए

सरकारी दफ्तरों में अब कागजी फाइलों का खेल ज्यादा दिन नहीं चलने वाला। ई-ऑफिस व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने साफ चेतावनी दे दी है कि जो कार्यालय और पटल अभी भी पुराने तरीके से काम कर रहे हैं, उनका मार्च माह का वेतन रोक दिया जाएगा।

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बरेली। सरकारी दफ्तरों में अब कागजी फाइलों का खेल ज्यादा दिन नहीं चलने वाला। ई-ऑफिस व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने साफ चेतावनी दे दी है कि जो कार्यालय और पटल अभी भी पुराने तरीके से काम कर रहे हैं, उनका मार्च माह का वेतन रोक दिया जाएगा। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में डीएम का यह सख्त रुख सामने आया।

लापरवाही पर सीधे वेतन रोकने की चेतावनी

बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली लागू करना अब विकल्प नहीं, अनिवार्यता है। जिन कार्यालयों में अभी भी ई-ऑफिस के जरिए काम नहीं हो रहा है, वहां जिम्मेदार कर्मचारियों का मार्च का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। डीएम ने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को तकनीकी समस्या आ रही है तो वह तुरंत उसका समाधान कराए, लेकिन बहानेबाजी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।

तीन दिन में सभी विभागों को करना होगा गो-लाइव

जिलाधिकारी ने विभागवार समीक्षा करते हुए यह भी देखा कि किन कार्यालयों में ई-ऑफिस के जरिए फाइल मूवमेंट शुरू हो चुका है और किन विभागों में प्रक्रिया अधूरी है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि अधिकतम तीन दिन के भीतर सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली पूरी तरह गो-लाइव कर दी जाए, ताकि फाइलों का निस्तारण तेज और पारदर्शी तरीके से हो सके।

बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी

समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) संतोष कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ दुबे, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण सिंह, सभी उप जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की डिजिटल व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए ई-ऑफिस प्रणाली को पूरी तरह लागू कराया जाए।