
निरीक्षण करते नगर आयुक्त
बरेली। गणतंत्र दिवस पर प्रस्तावित वीवीआईपी कार्यक्रम को लेकर नगर निगम प्रशासन अलर्ट मोड में है। मंगलवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य जब शहर के प्रमुख मार्गों के निरीक्षण पर निकले तो सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण और आवारा पशुओं को लेकर नगर निगम की तैयारियों की असल तस्वीर सामने आ गई। कई इलाकों में हालात बेहद खराब मिले, जिस पर नगर आयुक्त ने अधिकारियों को फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर आवारा पशु और गौवंश खुलेआम सड़कों पर घूमते मिले। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा था बल्कि हादसों का भी खतरा बना हुआ था। नगर आयुक्त ने उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि कैटल कैचर टीम को सक्रिय कर पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में भेजा जाए।
पीलीभीत बाईपास रोड पर जगह-जगह अवैध होर्डिंग्स, अतिक्रमण और गंदगी फैली मिली। वहीं, सेटेलाइट फ्लाईओवर पर बड़ी संख्या में लगे अवैध होर्डिंग्स ने शहर की सुंदरता पर सवाल खड़े कर दिए। नगर आयुक्त ने इन्हें तत्काल हटाने के निर्देश दिए। फ्लोरा गार्डन के सामने और बीसलपुर रोड क्रॉसिंग पर अतिक्रमण के साथ गंदगी का अंबार लगा मिला। डिवाइडर की हालत भी बदहाल पाई गई। यहां से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
मेडिसिटी अस्पताल और पंजाब सिंध बैंक के सामने सीएंडडी वेस्ट पड़ा मिला। साथ ही एक अधूरा कम्युनिटी शौचालय भी नजर आया। इस पर नगर आयुक्त ने पर्यावरण अभियंता को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं 100 फुटा रोड, फीनिक्स मॉल, छोटी बिहार रैन बसेरा, बजाज हॉस्पिटल, स्टर्लिंग मोटर्स और त्रिमूर्ति चौराहे के आसपास भारी मात्रा में कूड़ा पड़ा मिला। इससे साफ है कि नियमित सफाई व्यवस्था कहीं न कहीं ठप है। इसके अलावा डोहरा रोड पर सड़क के दोनों ओर मिट्टी के ढेर, अवैध होर्डिंग्स और अतिक्रमण देखने को मिला। खाली प्लॉटों में भी कूड़े के ढेर लगे थे, जिससे इलाके में गंदगी और बदबू फैल रही थी।
शिव गार्डन कॉलोनी के बाहर जलभराव के कारण सड़क की हालत बेहद खराब पाई गई। गड्ढों और पानी से लोगों को निकलने में दिक्कत हो रही थी। इस पर नगर आयुक्त ने जल्द मरम्मत कराने के निर्देश दिए। नकटिया पुल के पास कूड़ा डंप, खर्रम गौटिया मार्ग पर नाले और साइड पटरी पर अतिक्रमण मिला। मजार के सामने अवैध नर्सरी और सिविल लाइन गैराज से अक्षर बिहार मार्ग पर कंबल विक्रेताओं के अतिक्रमण से यातायात प्रभावित रहा। नगर आयुक्त ने सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था सुधारने और रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि वीवीआईपी कार्यक्रम के दौरान अगर लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।
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Published on:
13 Jan 2026 09:27 pm
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