1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुपरफास्ट का दर्जा छीना, अब मेल-एक्सप्रेस बनेंगी गाड़ियां, कोहरा बना आफत, ट्रेन-बसें दोनों बेहाल

बरेली। बरेली होकर गुजरने वाली तीन सुपरफास्ट ट्रेनों की लेटलतीफी आखिरकार भारी पड़ गई। देहरादून-हावड़ा और जम्मूतवी-हावड़ा रूट पर दौड़ने वाली इन गाड़ियों से रेलवे ने सुपरफास्ट का तमगा छीन लिया है। अब ये ट्रेनें मेल-एक्सप्रेस के रूप में चलाई जाएंगी। रेलवे ने इनके नंबर भी बदल दिए हैं, जो 14 अप्रैल से लागू होंगे। […]

2 min read
Google source verification

बरेली। बरेली होकर गुजरने वाली तीन सुपरफास्ट ट्रेनों की लेटलतीफी आखिरकार भारी पड़ गई। देहरादून-हावड़ा और जम्मूतवी-हावड़ा रूट पर दौड़ने वाली इन गाड़ियों से रेलवे ने सुपरफास्ट का तमगा छीन लिया है। अब ये ट्रेनें मेल-एक्सप्रेस के रूप में चलाई जाएंगी। रेलवे ने इनके नंबर भी बदल दिए हैं, जो 14 अप्रैल से लागू होंगे।

ये ट्रेनें लंबे समय से घंटों की देरी से चल रही थीं। समय पर न पहुंचने की वजह से यात्रियों में भारी नाराजगी थी। रेलवे को बार-बार शिकायतें मिल रही थीं। आखिरकार रेलवे ने माना कि जब ट्रेन समय पर नहीं चल पा रही है, तो उसे सुपरफास्ट कहना गलत है। फिलहाल 12327-28 उपासना एक्सप्रेस, 12369-70 कुंभ एक्सप्रेस और 12331-32 हिमगिरि एक्सप्रेस सुपरफास्ट के रूप में चल रही हैं। 14 अप्रैल से ये ट्रेनें नए नंबर 13035-36, 13037-38 और 13041-42 के साथ मेल-एक्सप्रेस बन जाएंगी। दर्जा बदलने के बाद किराया भी कुछ हद तक कम होगा।

मौसम ने बिगाड़ी रफ्तार, कोहरा और शीतलहर से ट्रेनें घंटों लेट

उधर, मौसम ने भी परिवहन व्यवस्था की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद अचानक ठंड और कोहरे ने दस्तक दे दी। शनिवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। दिनभर धूप नहीं निकली, जिसका असर ट्रेनों की रफ्तार पर साफ दिखाई दिया। कोहरे की वजह से वाराणसी-आनंद विहार साप्ताहिक ट्रेन तीन घंटे देरी से पहुंची। राजधानी एक्सप्रेस एक घंटे और श्रमजीवी एक्सप्रेस दो घंटे लेट रही। अवध-असम, दिल्ली-हावड़ा साप्ताहिक, वंदे भारत, गरीब रथ और अमृत भारत जैसी ट्रेनों ने भी यात्रियों को घंटों इंतजार कराया।

सड़क परिवहन भी बेहाल, 18 रोडवेज बसें रद्द, यात्री हुए परेशान

खराब मौसम का असर रोडवेज बसों पर भी पड़ा। शुक्रवार और शनिवार को लंबे रूट की 18 बसों को निरस्त करना पड़ा। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, आगरा, देहरादून और हल्द्वानी रूटों पर यात्रियों की संख्या अचानक घट गई। रात की बस सेवाओं में यात्रियों को दूसरी बसों में समायोजित किया गया। एक तरफ रेलवे लेटलतीफ ट्रेनों पर कार्रवाई कर रहा है, तो दूसरी तरफ मौसम ने रेल और सड़क दोनों परिवहन की कमर तोड़ दी है। नतीजा यह है कि यात्रियों के लिए सफर आसान होने के बजाय और ज्यादा मुश्किल हो गया है।

Story Loader