
मौलाना रजवी का बड़ा बयान Source- ANI
Iran-Israel War News Hindi: अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध पर अपनी राय रखी है। उन्होंने साफ कहा कि यह जंग किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उनका मानना है कि हर मसले का हल सिर्फ बातचीत से निकल सकता है। मौलाना ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों को आपस में बैठकर बात करनी चाहिए और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए। उन्होंने दुनिया के सभी नेताओं से अपील की कि वे हिंसा को बढ़ावा न दें, बल्कि शांति की दिशा में काम करें। इस बयान से साफ है कि मौलाना युद्ध के खिलाफ हैं और मानते हैं कि बातचीत से ही स्थायी समाधान मिल सकता है।
मौलाना रजवी ने ईरान की तारीफ की और कहा कि ईरान ने झुकने से इनकार करके अमेरिका के गर्व और इजराइल के अहंकार को तोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि ईरान एक गरीब देश है, लेकिन उसने जो जवाबी कार्रवाई की, उससे अमेरिका परेशान है और इजराइल में हड़कंप मचा हुआ है। मौलाना के अनुसार, इस कार्रवाई से अमेरिका तिलमिला रहा है और इजराइल बौखला गया है। वे चाहते हैं कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो जाए, लेकिन मौलाना का कहना है कि ऐसा होना नामुमकिन है। ईरान की इस बहादुरी ने दुनिया को दिखा दिया कि छोटे देश भी बड़े देशों के सामने नहीं झुकते।
मौलाना ने आगे कहा कि ईरान की कार्रवाई से अमेरिका और इजराइल दोनों ही असहज महसूस कर रहे हैं। अमेरिका को लग रहा है कि उसकी ताकत पर सवाल उठ गए हैं, जबकि इजराइल में डर का माहौल है। वे ईरान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मौलाना मानते हैं कि ईरान मजबूत है और उसका नेतृत्व स्थिर रहेगा। इस विवाद में अमेरिका की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि अमेरिका इज़राइल का समर्थन करता है। मौलाना का यह बयान बताता है कि कैसे एक छोटी कार्रवाई बड़े देशों को हिला सकती है। इससे दुनिया के अन्य देशों को भी प्रेरणा मिल सकती है कि वे अपने हक के लिए डटे रहें।
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के अमेरिका, इजराइल और ईरान से अच्छे संबंध हैं। इन रिश्तों के आधार पर वे मध्यस्थ की भूमिका निभाएं और इस जंग को रोकने में मदद करें। मौलाना का मानना है कि भारत जैसे बड़े देश की भूमिका से शांति स्थापित हो सकती है। उन्होंने जोर दिया कि मोदी को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए और दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाना चाहिए। यह अपील भारत की विदेश नीति को भी मजबूत कर सकती है और दुनिया में भारत की छवि को शांतिदूत के रूप में स्थापित करेगी।
बता दें कि अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है। इस बात की ईरानी मीडिया ने भी पुष्टि कर दी। इसके बाद इजरायल के इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की प्रतिक्रिया सामने आई है।
Published on:
01 Mar 2026 09:40 am
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