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होली से पहले रेलवे का बड़ा यू-टर्न… आज से इन गाड़ियों के बढ़े फेरे, दो दिन बाद पैसेंजर समेत पटरी पर दौड़ेंगी 38 ट्रेनें

होली पर घर जाने की टेंशन झेल रहे यात्रियों के लिए आखिरकार बड़ी राहत आ गई है। एक मार्च से रेलवे ने कटे हुए फेरों को बढ़ा दिया है और जो 38 ट्रेनें निरस्त पड़ी थीं, वे दो दिन बाद फिर से पटरी पर लौटने वाली हैं।

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बरेली। होली पर घर जाने की टेंशन झेल रहे यात्रियों के लिए आखिरकार बड़ी राहत आ गई है। एक मार्च से रेलवे ने कटे हुए फेरों को बढ़ा दिया है और जो 38 ट्रेनें निरस्त पड़ी थीं, वे दो दिन बाद फिर से पटरी पर लौटने वाली हैं। स्टेशन पर टिकट के लिए भटक रहे यात्रियों के चेहरे पर इस फैसले के बाद उम्मीद साफ दिखाई देने लगी है।

रेलवे ने आनंद विहार-भागलपुर गरीब रथ, बाघ एक्सप्रेस, कोलकाता-अमृतसर और अवध असम एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख गाड़ियों के फेरे एक मार्च से बढ़ा दिए हैं। इन ट्रेनों में पहले सीमित दिन संचालन हो रहा था, जिससे यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना करना पड़ रहा था। अब बढ़े फेरों से सीटों की उपलब्धता में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

48 घंटे बाद पटरी पर लौटेंगी 38 निरस्त ट्रेनें

दिसंबर में तकनीकी और परिचालन कारणों से रद्द की गई 38 अप-डाउन ट्रेनों का संचालन दो दिन बाद फिर शुरू हो जाएगा। इससे दिल्ली, जम्मू, देहरादून, अमृतसर, हावड़ा और पूर्वांचल की दिशा में सफर करने वालों को सीधा फायदा मिलेगा। होली से ठीक पहले यह फैसला हजारों यात्रियों के लिए संजीवनी साबित होगा। सिर्फ एक्सप्रेस ही नहीं, चार जोड़ी पैसेंजर गाड़ियां बरेली-दिल्ली, बरेली-मुरादाबाद, बरेली-रोजा और बरेली-अलीगढ़ भी चरणबद्ध तरीके से शुरू हो रही हैं। बरेली-अलीगढ़ की एक जोड़ी पहले से चल रही है, दूसरी सोमवार से दौड़ेगी। छोटे स्टेशनों के यात्रियों को इससे सीधी राहत मिलेगी, जो पिछले कई हफ्तों से वैकल्पिक साधनों पर निर्भर थे।

गर्मी बढ़ी तो एसी में मची मारामारी

तापमान चढ़ते ही ट्रेनों के एसी कोचों में सीटों के लिए होड़ लग गई है। एसी तृतीय और एसी द्वितीय श्रेणी की बुकिंग में करीब 40 फीसदी तक इजाफा दर्ज किया गया है। होली सप्ताह में कई गाड़ियों में लंबी वेटिंग और नो रूम की स्थिति बन गई है। स्लीपर कोच जहां सर्दियों में भरे रहते थे, वहीं अब एसी कोच यात्रियों की पहली पसंद बन चुके हैं। वहीं त्योहार के दौरान लंबी दूरी की ट्रेनों में महिला यात्रियों की संख्या बढ़ने को देखते हुए महिला स्क्वॉड की तैनाती भी शुरू कर दी गई है। ज्यादा महिला आरक्षण वाली गाड़ियों की विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि सफर के दौरान किसी तरह की असुविधा या शरारत की गुंजाइश न रहे।