
बरेली। खनन और ओवरलोड वाहनों की जांच के दौरान बहेड़ी में हालात अचानक बेकाबू हो गए। बिना कागजात दौड़ रहे ट्रकों के चालकों ने रुकने के बजाय जांच टीम पर ही ट्रक चढ़ाने की कोशिश कर दी। अफरा-तफरी में अधिकारी और कर्मचारी इधर-उधर भागकर जान बचाने को मजबूर हो गए।
यह घटना 15 जनवरी की है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर खनन अधिकारी मनीष कुमार अपनी टीम के साथ बहेड़ी क्षेत्र में खनन और ओवरलोडिंग की जांच कर रहे थे। इसी दौरान दर्जनों ट्रक बिना अनुमति मौके पर पहुंचे और चालकों ने एकजुट होकर सरकारी टीम को कुचलने का प्रयास किया। इस हमले में एक उपनिरीक्षक को हल्की चोटें भी आईं, जबकि बैरिकेडिंग पूरी तरह तोड़ दी गई। खनन अधिकारी की तहरीर पर थाना बहेड़ी में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बहेड़ी पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी कर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान वन विभाग तिराहा और नवीन मंडी क्षेत्र से कुल 37 ओवरलोड ट्रक पकड़े गए। इसके अलावा तीन अन्य वाहन भी पुलिस ने जब्त कर लिए, जिन्हें मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया। मौके से फरार ट्रक चालकों और उनके साथियों की तलाश में लगातार दबिश दी गई। पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में सलमान, गौस कमर, करन सिंह, चांद, नसीम, सुनील, कासिम, विकास, फुरकान, अनुज, साकिर, नाजिम, राजेश, मुस्तफा, दान सिंह पटेल, इमरान, निजाम, मुजीव, सलमान, सोहेल, अजरुनदीन, नियासुद्दीन, अनूप गुप्ता उर्फ अनु और सहरूद्दीन शामिल हैं।
सीओ बहेड़ी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगी हुई हैं। सीओ बहेड़ी ने साफ किया है कि खनन माफिया और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सरकारी कार्य में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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Published on:
16 Jan 2026 05:01 pm
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