31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पिटाई से घायल दलित युवक की मौत, परिजनों का हंगामा, पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर शव रखकर लगाया जाम

बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में पिटाई से गंभीर रूप से घायल अनुसूचित जाति के युवक राहुल सागर की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। बुधवार को परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर पहुंचे और शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।

2 min read
Google source verification

पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा करते मृतक के परिजन व मृतक राहुल का फाइल फोटो

बरेली। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में पिटाई से गंभीर रूप से घायल अनुसूचित जाति के युवक राहुल सागर की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। बुधवार को परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर पहुंचे और शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।

मृतक की पत्नी और परिवार की महिलाएं सड़क पर बैठकर रोती-बिलखती रहीं। परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों के समझाने पर परिजन शांत हुए और शव लेकर घर चले गए।

14 जनवरी की है घटना

घटना 14 जनवरी की है। डोहरा निवासी राहुल सागर के पिता पप्पू ने बिथरी चैनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके एक रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती थे, जिन्हें छुट्टी दिलाने के लिए उन्होंने बेटे राहुल को 30 हजार रुपये देकर अस्पताल भेजा था। इसके बाद राहुल अपने साथी सचिव और लालू के साथ कांशीराम कॉलोनी निवासी भीमा से उधार दिए 20 हजार रुपये मांगने गया। आरोप है कि वहां भीमा अपने साथियों लक्की लभेड़ा, आकाश ठाकुर और अन्य के साथ मौजूद था। रुपये मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर राहुल और उसके साथियों की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। मारपीट में राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके 30 हजार रुपये और मोबाइल फोन भी गिर गए।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

घायल राहुल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। युवक की मौत के बाद परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

परिजनों का आरोप है कि जब राहुल अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा था, तब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय परिवार पर समझौते का दबाव बनाया। इससे नाराज होकर परिजनों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। परिजनों ने बताया कि राहुल मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके तीन छोटे बच्चे हैं और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।

हत्या की धारा में तरमीम

बिथरी चैनपुर थाने के इंस्पेक्टर सीपी शुक्ला ने बताया कि मामले को हत्या की धारा में तरमीम कर दिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

Story Loader