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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को फिर प्रस्ताव भेजेगी सरकार

मंत्री ने कहा कि नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों से न केवल चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा। हालांकि, अंतिम फैसला एनएमसी की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

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-रामनगर और बागलकोट को दो नए मेडिकल कॉलेज मिलने की उम्मीद

-कनकपुर का प्रस्ताव फिलहाल टला

कर्नाटक सरकार ने राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक बार फिर प्रयास तेज कर दिए हैं। सरकार ने चालू वर्ष में रामनगर और बागलकोट में दो नए सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है। वहीं, कनकपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

अब रामनगर की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर

रामनगर में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रयास पहले भी कई बार किया जा चुका है। वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में रामनगर और कनकपुर दोनों के लिए प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी और आवश्यक संख्या में फैकल्टी उपलब्ध न होने के कारण आयोग ने हर बार इन्हें नामंजूर कर दिया था।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरण प्रकाश पाटिल के अनुसार, अब रामनगर की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हो गई है। रामनगर में बन रहे राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के नए परिसर का लगभग आधा निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम अगले छह से सात महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, जिला अस्पताल में करीब 300 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है, जो एनएमसी के मानकों के अनुरूप मानी जाती है।

मंत्री ने कहा कि नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों से न केवल चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा। हालांकि, अंतिम फैसला एनएमसी की मंजूरी पर निर्भर करेगा।