
शिक्षा में अक्षरों का ज्ञान जितना आवश्यक है, उतनी ही अहमियत चित्रकला की भी।
बच्चों में छिपी रचनात्मक कल्पनाशक्ति को बाहर लाने और उसे संवारने में चित्रकला शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षा में अक्षरों का ज्ञान जितना आवश्यक है, उतनी ही अहमियत चित्रकला की भी है।
यह विचार स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा Madhu Bangarappa ने व्यक्त किए। वे शुक्रवार को विधानसौधा के सामने महात्मा गांधी की प्रतिमा परिसर में गदग जिला चित्रकला शिक्षक संघ की ओर से आयोजित ‘वर्ष 2026 का वार्षिक कैलेंडर विमोचन एवं भव्य चित्रकला प्रदर्शनी’ का उद्घाटन कर संबोधित कर रहे थे।
शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए मंत्री ने कहा, कर्नाटक Karnataka की कला परंपरा अत्यंत समृद्ध और ऐतिहासिक रही है। इस विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए स्कूलों में कला सिखाने वाले शिक्षकों की आवश्यकता है। सामान्य और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के साथ-साथ कला शिक्षकों की भी जरूरत है। प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र नियुक्तियां करने और संघ की मांगों को पूरा करने के लिए हम ईमानदार प्रयास करेंगे।
प्रदर्शनी में शिक्षकों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्रकृति की सुंदरता के चित्रण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश देने वाली अनेक अर्थपूर्ण पेंटिंग्स प्रदर्शित की गईं।इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य एस.वी. संकनूर, शशिल जी. नमोशी, विधायक भीमन्ना टी. नायक सहित गदग जिला चित्रकला शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं कलाकार उपस्थित रहे।
Published on:
25 Jan 2026 04:36 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
