
फोटो सोर्स: सोशल मीडिया, जीएसटी डिप्टी कमिश्नर
प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य की टिप्पणी से आहत होकर योगी सरकार के समर्थन में सार्वजनिक बयान देकर चर्चित हुए जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह राज्य कर भवन में मंगलवार को कार्यालय नहीं पहुंचे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रशांत कुमार सिंह दो सप्ताह के अवकाश पर चले गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अब छुट्टी पूरी होने के बाद ही अपने पद का कार्यभार संभालेंगे। चौंकाने वाली बात है कि उन्होंने एकाएक मीडिया से भी दूरी बना ली है। शनिवार को इस्तीफा वापस लेने की घोषणा के बाद सोमवार को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन जैसे ही मीडिया वहां पहुंची, वे बिना कोई प्रतिक्रिया दिए कार्यालय छोड़कर निकल गए।
कर्मचारियों के मुताबिक, इसके बाद वे अंबेडकरनगर में जीएसटी सर्वे के लिए रवाना हुए और फिर लखनऊ चले गए। सोमवार के बाद से वह कार्यालय नहीं लौटे हैं, गौरतलब है कि 27 जनवरी को प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने कहा था कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एक शब्द भी नहीं सुन सकते, उन्होंने मुख्यमंत्री को अन्नदाता बताते हुए अपना इस्तीफा सौंपा था।
अयोध्या के प्रतिष्ठित व्यापारी और राजलक्ष्मी साड़ी-सूट के मालिक लक्ष्मण दास मखेजा ने डिप्टी जीएसटी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह पर किसी प्रतिष्ठान का सर्च वारंट दूसरे को चेक करने के आरोप लगाए हैं।
व्यापारी का आरोप है कि डिप्टी जीएसटी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह व्यापारियों को डराने के लिए मऊ के माफिया मुख्तार अंसारी का नाम तक लेते थे। लक्ष्मण दास का कहना है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से ईमानदार व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
कुछ ही दिनों बाद उन्होंने अचानक शनिवार को इस्तीफा वापस लेने की घोषणा कर दी। इसके बाद मामला तब और गरमा गया, जब उनके सगे भाई ने उन पर गंभीर आरोप लगाए। मंगलवार को डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय न पहुंचने से विभाग में एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
उच्चाधिकारियों का कहना है कि प्रशांत कुमार सिंह ने दो सप्ताह का अवकाश लिया है और अवकाश समाप्त होने के बाद वह दोबारा कार्यभार संभालेंगे।
Published on:
03 Feb 2026 05:37 pm

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