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वार्निंग इग्नोर करना पड़ा भारी: यूपी में धू-धू कर जली महिंद्रा की नई इलेक्ट्रिक कार, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

Mahindra BE 6 Fire Incident: यूपी में Mahindra BE 6 में लगी आग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ। बैटरी नहीं, टायर फेल्योर बना वजह। EV सुरक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी।

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भारत

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Rahul Yadav

Jan 31, 2026

Mahindra BE 6 Fire Incident

Mahindra BE 6 Fire Incident (Image: Viral on X)

Mahindra BE 6 Fire Incident: उत्तर प्रदेश के गुलावठी (बुलंदशहर) के पास हाईवे पर हाल ही में महिंद्रा की नई इलेक्ट्रिक SUV BE 6 में लगी आग ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया था। धधकती लाल रंग की इस कार के वीडियो वायरल होने के बाद EV की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हुए। हालांकि, अब इस मामले में महिंद्रा की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है, जो न केवल चौंकाने वाली है बल्कि हर वाहन चालक के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है।

जांच में बड़ा खुलासा: बैटरी नहीं, टायर बना विलेन

आमतौर पर माना जाता है कि इलेक्ट्रिक कार में आग लगने की वजह उसकी बैटरी होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं था। महिंद्रा की टेक्निकल टीम और ऑन-बोर्ड सेंसर डेटा के मुताबिक, कार की हाई-वोल्टेज बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर पूरी तरह सुरक्षित और चालू हालत में पाए गए हैं। आग की असली वजह मानवीय चूक और मैकेनिकल घर्षण (Friction) थी।

10 मिनट तक इग्नोर किए गए अलर्ट

जांच रिपोर्ट के अनुसार, कार के पिछले दाहिने (Rear Right) टायर में हवा कम थी (Deflated)। कार के स्मार्ट सिस्टम (TPMS) ने ड्राइवर को बार-बार लो टायर प्रेशर और हाई टायर टेम्परेचर के अलर्ट भेजे थे। इसके बावजूद, Ev को लगभग 10 मिनट तक 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाता रहा।

सपाट टायर और सड़क के बीच हुए अत्यधिक घर्षण (Friction) के कारण इतना अधिक तापमान पैदा हुआ कि टायर के रबर ने आग पकड़ ली। कंपनी ने स्पष्ट किया कि आग टायर से शुरू हुई थी और बाहरी गर्मी की वजह से फैली, न कि किसी इंटरनल सर्किट की खराबी से।

सिस्टम ने खुद बचाई यात्रियों की जान

हादसे के दौरान कार के सॉफ्टवेयर ने यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई।

स्पीड कंट्रोल: स्थिति बिगड़ते देख कार के सॉफ्टवेयर ने स्पीड को खुद ही कम (Limit) कर दिया।

सिस्टम शटडाउन: सुरक्षा के मद्देनजर ड्राइव सिस्टम को पूरी तरह बंद कर दिया गया, जिससे कार हाईवे पर सुरक्षित रुक गई।

ESP और TCS: इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम और ट्रैक्शन कंट्रोल ने टायर पंक्चर होने के बावजूद कार का संतुलन बिगड़ने नहीं दिया।

यही वजह रही कि कार के धू-धू कर जलने के बावजूद सभी यात्री समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए।

EV सुरक्षा पर नया नजरिया

यह घटना साबित करती है कि आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन केवल एयरबैग के भरोसे नहीं होते। महिंद्रा BE 6 जैसी कारों में सुरक्षा की कई परतें होती हैं।

महिंद्रा का बयान: भीषण बाहरी ताप (Thermal Stress) के बावजूद, हमारा हाई-वोल्टेज बैटरी पैक पूरी तरह सुरक्षित रहा और इसके सेल वोल्टेज सामान्य सीमाओं के भीतर मिले। यह हमारी थर्मल आइसोलेशन तकनीक की मजबूती को दर्शाता है।

यह हादसा हर कार मालिक को यह सिखाता है कि डैशबोर्ड पर आने वाली किसी भी वार्निंग लाइट को हल्के में न लें। एक छोटा सा टायर प्रेशर अलर्ट भी आपकी जान और लाखों की गाड़ी बचा सकता है।

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