10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Pradosh Vrat 2026: इस शुभ संयोग में रखा जाएगा माघ मास का पहला प्रदोष व्रत, शिव की पूजा से मिलेगा दोगुना फल

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष का व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। इस व्रत भगवान भोलेनाथ की पूजा- अर्चना की जाती है। इस साल माघ मास के पहले प्रदोष व्रत के दिन शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में चलिए जानते हैं प्रदोष व्रत के दिन कौन- कौन से शुभ योग बन रहे हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Religiondesk

image

jayanti jha

Jan 14, 2026

Pradosh Vrat 2026

istock

Pradosh Vrat 2026: इस साल माघ मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 15 जनवरी को शाम 8बजकर 16 मिनट पर होगी और इसका समापन 16 जनवरी को रात 10बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में माघ महीने का पहला प्रदोष व्रत 16 जनवरी 2026 को रखा जाएगा। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की विधिवत पूजा की जाती है। इस दिन प्रदोष काल में पूजा का खास विधान है। ये व्रत हर महीने में दो बार आता है। माघ मास का पहला प्रदोष व्रत शुक्रवार के दिन पड़ेगा, इसलिए ये शुक्र प्रदोष व्रत कहलाएगा। प्रदोष का व्रत करने से साधक को सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है और भगवान शिव की खास कृपा उनपर बनी रहती है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल प्रदोष व्रत के दिन कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं।

किन शुभ संयोग में रखा जाएगा प्रदोष व्रत


इस साल माघ मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के बहुत शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है। इस साल प्रदोष व्रत के दिन ही मासिक शिवरात्रि का भी व्रत रखा जाएगा। इसके साथ ही इस दिन धुव्र योग का भी निर्माण होगा, जो कि पूजा के लिए उत्तम योग माना जाता है। ऐसे में इस साल माघ महीने के प्रदोष व्रत का फल साधक को दोगुना मिलने वाला है। इस दिन व्रत रखने से और शिव जी की उपासना करने से साधक के सारे बिगड़े काम बन सकते हैं।

प्रदोष व्रत में शिव जी को अर्पित करें ये चीजें


प्रदोष व्रत के शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। इस दिन सुबह और शाम दोनों ही समय में शिवजी के मंदिर जाएं। प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में की गई पूजा का उत्तम फल प्राप्त होता है। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें। इसके साथ ही इस दिन शिवजी पर अक्षत, फूल और बेलपत्र चढ़ाना बहुत ही शुभ माना जाता है। प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर आप चंदन का लेप भी लगा सकते हैं। माघ प्रदोष व्रत के दिन आप शिवजी पर तिल भी चढ़ा सकते हैं। इस दिन शिवलिंग पर तिल अर्पित करने से साधक को हर प्रकार के कष्टो से मुक्ति मिलती है।

प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व


सनातन धर्म में प्रदोष का व्रत सबसे प्रमुख व्रत में से एक माना जाता है। ये व्रत सभी कष्टों को दूर करने वाला और मनोकामना की सिद्धि करने वाला माना जाता है। प्रदोष व्रत के दिन विशेषरूप से भगवान शिव की उपासना की जाती है। इस व्रत को करने से व्यक्ति की सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है और जीवन की सारी बाधाएं दूर होती हैं। इस दिन शिव की भक्ति करने से शिव की कृपा से साधक को सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है।