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अशोकनगर, May 13, 2026

एमपी के राजघाट डैम में अभी भी 1.21 लाख करोड़ लीटर पानी, यूपी की वजह से बचा स्टॉक

Rajghat Dam water level: भीषण गर्मी में जहां तालाब सूख गए, वहीं राजघाट डैम बना राहत की उम्मीद, 65% पानी अभी भी मौजूद।अशोकनगर से नीलम सिंह यादव की रिपोर्ट।

Ashoknagar Rajghat Dam

अशोकनगर के राजघाट डैम भीषण गर्मी में भी लबालबभरा हुआ है। (फोटो एआई जनरेटेड)

Rajghat Dam water level: आसमान से बरसती आग और चिलचिलाती धूप के बीच अशोकनगर जिले (Ashok Nagar) के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। इस दौर में जहां प्रदेश के ज्यादातर जलस्रोत सूखने की कगार पर पहुंच जाते हैं, वहीं जिले का राजघाट बांध पानी से लबालब है। स्थिति यह है कि अब तक बांध महज 34.55 प्रतिशत ही खाली हो सका है।

मानसून (monsoon ) आने में अब करीब डेढ़ महीने का समय बचा है और बांध में अभी भी 10 मीटर पानी मौजूद है। यानी अभी बांध में 1.21 लाख करोड़ लीटर पानी है। अमूमन इन दिनों में बांध का जलस्तर काफी नीचे चला जाता है, पिछले वर्ष 12 मई को बांध में जलस्तर 361.75 मीटर पर पहुंच गया था। लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश (uttar pradesh) से पानी की डिमांड न आना (UP water demand stopped) इसका मुख्य कारण है। हालांकि, पानी रोके जाने से मध्यप्रदेश (madhya pradesh) के राजघाट डैम का जलस्तर तो शानदार बना हुआ है, लेकिन यहां स्थित बिजली संयंत्र के टरबाइन बंद पड़े हुए हैं, जिससे एक अप्रेल से बिजली का उत्पादन बंद है।

इसलिए नहीं आई उप्र से पानी की डिमांड

राजघाट बांध (Ashoknagar Rajghat Dam) का पानी मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश की नहरों से सिंचाई के लिए तो दिया ही जाता है। लेकिन बेतवा नदी पर उप्र में निचले हिस्सों में स्थित बांधों में पानी की जरूरत पड़ने पर बड़ी मात्रा में पानी दिया जाता है। राजघाट से पानी सीधे तौर पर उप्र के ललितपुर स्थित माताटीला बांध में पहुंचता है। इसी पानी से यूपी के कई जिलों की प्यास बुझती है। लेकिन, इन दिनों माताटीला बांध के गेटों की मरम्मत का बड़ा कार्य चल रहा है। इस तकनीकी कार्य के चलते माताटीला बांध को मार्च महीने में ही पूरी तरह खाली कर दिया गया था। यही वजह है कि यूपी ने राजघाट से पानी की मांग नहीं की और राजघाट का पानी बिना निकासी के सुरक्षित है।

बिजली उत्पादन पर ब्रेक, 8.80 करोड़ यूनिट लक्ष्य

राजघाट बांध (Rajghat Dam still full in peak summer) से जब गेटों के माध्यम से भारी दबाव के साथ पानी छोड़ा जाता है, तब यहां स्थित हाइड्रो पावर प्लांट के टरबाइन घूमते हैं और बिजली पैदा होती है। राजघाट बिजली उत्पादन केंद्र में 15-15 मेगावाट क्षमता की तीन यूनिट स्थापित हैं। लेकिन, पानी की निकासी बंद होने के कारण एक से सभी यूनिट्स बंद पड़ी हैं और बिजली उत्पादन ठप है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8.80 करोड़ यूनिट उत्पादन लक्ष्य के मुकाबले 9.10 करोड़ यूनिट का उत्पादन किया गया था। इस वर्ष भी 8.80 करोड़ यूनिट का ही लक्ष्य रखा गया है।

बेजुबानों का खास ख्याल, नहरों में जा रहा 880 क्यूसेक पानी

भले ही मुख्य डैम से पानी का बड़ा डिस्चार्ज रोका गया है, लेकिन भीषण गर्मी में वन्यजीवों और मवेशियों का खास ख्याल रखा जा रहा है। जानवरों की प्यास बुझाने के लिए उत्तर प्रदेश के विशेष अनुरोध पर राजघाट बांध से दो मुख्य नहरों में 880 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसमें एलआरसी में 700 क्यूसेक और जेपीसी नहर में 180 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। यानी करीब 24918 लीटर प्रति सेकंड पानी दोनों नहरों में छोड़ा जा रहा है। ताकि प्रचंड गर्मी में पशु-पक्षियों को अपनी प्यास बुझाने पीने के पानी के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी

65 प्रतिशत पानी बचा होने से इस बार बांध में लबालब है, इस पानी को हम स्टॉक करके रखेंगे क्योंकि यदि बारिश कम हुई तो बांध भरा रहे। जहाँ तक बांध के गेटों की मरम्मत की बात है तो स्टॉप लॉक डालकर गेटों का मेंटेनेंस कार्य करेंगे।
-अनिल अशोक, एसडीओ राजघाट बांध

पिछले वर्ष 9.10 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन हुआ था। इस बार भी 8.80 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है। उप्र से पानी की डिमांड न आने से बिजली उत्पादन एक अप्रेल से बंद है, „योंकि डिमांड आने पर पानी को बिजली उत्पादन यूनिट के टरबाइन पर से छोड़ा जाता है।
-योगेंद्र यादव, एई बिजली उत्पादन केंद्र राजघाट

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