Iran-US Tensions: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।
Iran-US War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। ईरान की नई संस्था ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।
‘PGSA’ ने कहा है कि उसके कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वह बिना किसी रुकावट के जहाजों की आवाजाही का प्रबंधन करती रहेगी। इतना ही नहीं, PGSA ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि वह युद्ध के जरिए भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण हासिल नहीं कर सका और प्रतिबंध लगाकर भी सफल नहीं हो पाया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान ने अमेरिका से कहा कि आप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण नहीं पा सकेंगे।
गैर-दुश्मन देशों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति देने और उनके परमिट जारी करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। साथ ही उसने कहा कि अपनी गतिविधियों के पहले महीने का आंकड़ा जल्द सार्वजनिक किया जाएगा।
दूसरी ओर, अमेरिका ने PGSA पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का आरोप है कि ईरान इस संस्था का इस्तेमाल होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से पैसे वसूलने और उस धन को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) तक पहुंचाने के लिए कर रहा है। इसी वजह से PGSA को अमेरिका की विशेष प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया है।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कदम ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। उनके मुताबिक, ईरान वैश्विक समुद्री व्यापार का इस्तेमाल अपने हितों के लिए कर रहा है और अमेरिका ऐसे सभी नेटवर्क को निशाना बनाता रहेगा।
इस बीच PGSA ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने निगरानी और प्रबंधन क्षेत्र की सीमाएं भी तय कर दी हैं। संस्था ने कहा है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को उसके नियमों का पालन करना होगा और आवश्यक अनुमति लेनी होगी। इससे साफ है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और गहरा सकता है।
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