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‘अब कोई समझौता नहीं होगा, अपना हक लेकर रहेंगे’, युद्ध के 3 महीने बाद ईरान ने तोड़ी चुप्पी

Iran-US Relations: युद्ध के करीब तीन महीने बाद ईरान ने अमेरिका के साथ शांति समझौते पर बड़ा बयान दिया है। तेहरान ने साफ कहा कि अपने लोगों के अधिकार हासिल किए बिना किसी समझौते को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

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ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबाफ और यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप (सोर्स:ANI)

Iran-US Tension: 28 फरवरी से शुरू हुआ युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है। इस बीच युद्ध खत्म के लगभग तीन महीने बाद ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने रविवार को कहा कि ईरान (मिडिल-ईस्ट) में संकट का पूरा हल निकालने के लिए अमेरिका के साथ किसी भी ऐसे समझौते को मंजूरी नहीं देगा, जब तक ईरानी लोगों के अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो जाते।

ईरान की सरकारी मीडिया IRIB के अनुसार, संसद अध्यक्ष गालिबाफ ने कहा कि देश को अपनी सैन्य सफलताओं का फायदा राजनीतिक और कानूनी स्तर पर भी उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष के दौरान ईरान ने अमेरिका-इजरायल गठबंधन के खिलाफ अपनी सैन्य ताकत और मजबूती का प्रदर्शन किया है।

मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने दी चेतावनी

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने कहा कि ईरान की मिसाइल क्षमता और युद्ध के दौरान मिली उपलब्धियां जनता के समर्थन की वजह से संभव हुई हैं। अब कूटनीति की जिम्मेदारी है कि इन सफलताओं को ऐसे नतीजों में बदला जाए, जिनसे देश के हित मजबूत हों और लोगों को लाभ मिले।

गालिबाफ ने कहा कि सरकार और प्रशासन का कर्तव्य है कि इन उपलब्धियों के आधार पर जनता की समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी अधिकारियों को अपने विरोधियों के बयानों और वादों पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी समझौते का मूल्यांकन उसके वास्तविक परिणामों के आधार पर होना चाहिए, न कि केवल आश्वासनों पर।

उन्होंने साफ कहा कि ईरान तब तक किसी समझौते को मंजूरी नहीं देगा, जब तक उसे यह भरोसा न हो जाए कि देश और उसके नागरिकों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। गालिबाफ का कहना था कि ईरान को अपने हितों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ना होगा और केवल ठोस उपलब्धियों को ही सफलता माना जाएगा।

यह बयान उन्होंने संसद के नए पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान दिया, जिसमें अधिकांश सांसद ऑनलाइन शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका पर भी आरोप लगाए। गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका आर्थिक दबाव, प्रचार और मीडिया अभियानों के जरिए ईरान के भीतर मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उनका दावा है कि यह प्रयास उन सैन्य असफलताओं की भरपाई के लिए किए जा रहे हैं, जिनका सामना विरोधी पक्ष को करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि ईरान को कमजोर करने और उसे झुकाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। गालिबाफ के अनुसार, ईरानी जनता एकजुट है और देश की संप्रभुता तथा अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प के साथ खड़ी है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय एकता ही किसी भी बाहरी दबाव का सबसे प्रभावी जवाब है।