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‘अखिलेश यादव को बताया महिला विरोधी, कई जिलों में लगाए गए पोस्टर’, UP में सियासत गरमाई

Akhilesh Yadav anti-women: उन्नाव में अखिलेश यादव को महिला विरोधी बताते हुए पोस्टर लगाया गया। इस पर सपा जिलाध्यक्ष ने भाजपा कार्यकर्ताओं को अराजक बताया। जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि सपा की नीतियां महिला विरोधी हैं। इसी प्रकार के पोस्टर बरेली, शाहजहांपुर, कानपुर देहात आदि जिलों में भी लगाए गए।

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अखिलेश यादव के खिलाफ सड़कों पर पोस्टर लगाए गए (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Poster Against Akhilesh Yadav: उन्नाव में अखिलेश यादव को महिला विरोधी बताते हुए बड़ी संख्या में पोस्टर लगाए गए। इसी प्रकार के पोस्टर बरेली, शाहजहांपुर, लखनऊ में भी लगाए गए, जिसको लेकर सपा में आक्रोश है। इसकी जानकारी होने पर सपा कार्यकर्ताओं ने पोस्टर को फाड़कर आग के हवाले कर दिया। इस मौके पर भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

सपा जिलाध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को बदनाम करने के लिए पोस्टर लगाए गए हैं। बीजेपी की सरकार जाने वाली है। यह भारतीय जनता पार्टी की बौखलाहट है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने इस पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सपा का दर्शन महिला विरोधी है जो भारत माता को डायन कहते हैं।

सपा का दावा- रात के अंधेरे में लगाए गए पोस्टर

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में अखिलेश यादव को महिला विरोधी बताते हुए रात में पोस्टर लगाए गए। जिसे सपा कार्यकर्ताओं ने नोच फेंका लगाए गए। इस पर सपा जिलाध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि सपा कार्यकर्ताओं ने पोस्टर को तत्काल उतार कर भारतीय जनता पार्टी को मुंहतोड़ जवाब दिया है। बीजेपी घटिया राजनीति कर रही है।

बीजेपी की घटिया सोच है कि रात के अंधेरे में बदनाम करने का काम कर रही है, हिम्मत हो तो दिन में ऐसा करके देखें। महिला बिल पर उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष बिल का समर्थन कर रहा था। मांग की कि भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं को आरक्षण दें। लेकिन भारतीय जनता पार्टी महिलाओं को आरक्षण देना नहीं चाहती है। कहती है 2029 में देंगे।

भाजपा ने दी प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी ने समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष के बयान पर कड़ी प्रक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता अराजक नहीं है। सपा का दर्शन महिला को अपमानित करना वाला ही रहा है। इतिहास गवाह है जब उत्तर प्रदेश की दलित महिला मायावती पर अत्याचार और हमला करने वाले समाजवादी पार्टी के ही गुंडे थे। जबकि उन अराजक तत्वों का सामना भाजपा के नेता ने किया था। भाजपा अपने काम की शुरुआत भारत माता की जय और वंदे मातरम के साथ करती है जबकि समाजवादी पार्टी के नेता भारत माता को डायन कहकर अपनी पहचान बनाते हैं। यही सपा का दर्शन है।