Fire Accident: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित घर में भीषण आग लग गई। घर में मौजूद तीन मासूमों की जिंदा जलने की खबर है।
Fire Accident: मध्य प्रदेश के सीधी में हृदय विदारक घटना ने सनसनी मचा दी। शनिवार को जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर जमोड़ी थाना क्षेत्र के कसिहवा गांव में शनिवार को ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक गरीब मजदूर परिवार के तीन मासूम बच्चे घर के अंदर जिंदा जल गए। आग इतनी भयावह थी कि जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक सब कुछ राख में तब्दील हो चुका था। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार और मातम का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार कसिहवा निवासी रामरतन साकेत शनिवार सुबह मजदूरी करने घर से निकल गया था। घर में पत्नी ललिता साकेत और तीन छोटे बच्चे मौजूद थे। इसी दौरान मां को जानकारी मिली कि शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन का वितरण हो रहा है। भीषण गर्मी और धूप से बच्चों को बचाने के लिए उसने तीनों मासूमों को घर के अंदर छोडक़र दरवाजा बंद कर दिया और राशन लेने चली गई।
बताया गया कि सुबह करीब 11 बजे अचानक घर से धुएं और आग की तेज लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते पूरा कच्चा मकान आग की चपेट में आ गया। पड़ोसियों ने शोर मचाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और डायल-112 को सूचना दी। आसपास के लोगों को यह अंदाजा तक नहीं था कि घर के अंदर बच्चे फंसे हुए हैं। इधर उचित मूल्य दुकान में राशन ले रही मां तक जब आग लगने की खबर पहुंची तो वह बदहवास हालत में दौड़ती हुई घर पहुंची। वहां पहुंचते ही उसने बच्चों के घर के अंदर होने की बात कही और बच्चों का नाम पुकारते-पुकारते बेहोश होकर गिर पड़ी। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि तीनों मासूम बच्चे घर के अंदर बंद थे और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। आग तेजी से फैलती गई और मासूम चीखते-चिल्लाते रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घर के भीतर से बच्चों की चीखें सुनाई दे रही थीं, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कोई अंदर नहीं जा सका। जब आग पर काबू पाने के बाद पुलिस और ग्रामीण घर के भीतर पहुंचे तो वहां का दृश्य रूह कंपा देने वाला था। तीनों मासूमों के शव बुरी तरह झुलस चुके थे। यह मंजर देखकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए और कई लोगों की आंखों से आंसू निकल पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही जमोड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। बताया गया कि नगर पालिका परिषद सीधी की फायर ब्रिगेड कमर्जी अंचल के तुर्रा में आग बुझाने गई हुई थी। इसके बाद चुरहट और मझौली नगर परिषद से दमकल वाहन बुलाया गया। हालांकि जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक पूरा घर और उसमें रखा सामान जलकर खाक हो चुका था। दमकल कर्मियों और ग्रामीणों की मदद से आग को आस-पास के अन्य घरों तक फैलने से रोक लिया गया। बस्ती में साकेत परिवार के अन्य मकान भी पास में थे, लेकिन समय रहते आग पर नियंत्रण पा लेने से बड़ा हादसा टल गया।
रामरतन के तीन चार संताने थी, जिसमें तीन पुत्रियां व एक पुत्र थे। बड़ी बच्ची अपने मामा के यहां गई थी। जब घर में आग लगी तब उसके दो पुत्रियां संध्या साकेत (६ वर्ष) व रिद्धि साकेत (डेढ़ वर्ष) तथा पुत्र नागेंद्र साकेत (३ वर्ष) अंदर थे। इस अग्रि हादसे में तीनो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई।
एक साथ तीन मासूम बच्चों की मौत की खबर फैलते ही पूरे कसिहवा गांव में मातम छा गया। गांव की महिलाएं और बुजुर्ग परिजनों को संभालते नजर आए। मां ललिता साकेत का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं मजदूरी से लौटे पिता रामरतन साकेत बच्चों की हालत देखकर बेसुध हो गए। जिसने भी यह मंजर देखा, उसकी आंखें नम हो गईं।
प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन की ओर से रेडक्रॉस मद से मृतकों के परिजनों को 10 हजार रुपये की त्वरित सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने मर्चुरी पहुंचकर पीडि़त परिवार को पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी और शोक संवेदना व्यक्त की।
हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर विकास मिश्रा और एसपी संतोष कोरी भी कसिहवा गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मृतक के परिजनों का ढाढस बंधाया और प्रशासन की ओर से हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सिटी कोतवाली, जमोड़ी, सेमरिया थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। मासूम बच्चों के शव को पीएम के लिए जिला मुख्यालय मर्चुरी लाया गया, जहां से पीएम के उपरांत गृहग्राम भिजवाया गया। पुलिस बल की उपस्थिति में ही तीनो मासूम बच्चों का अंतिम संस्कार हुआ।
रामरतन साकेत के घर में हुए इस अग्रि हादसे ने सब कुछ छीन लिए। उसके तीन मासूम बच्चों की मौत के साथ ही गृहस्थी का पूरा सामान और घर भी जलकर खाक हो गया। अब वह पूरी तरह से सडक़ पर आ गया है।
कसिहवा गांव में साकेत परिवार के घर में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। जब तक आग पर काबू पाया गया तब तक घर के अंदर कैद तीन मासूम बच्चों की जलकर मौत हो गई थी। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट लग रहा है, मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। - दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, थाना प्रभारी जमोड़ी (MP News)