# रतलाम

ननि सफाईकर्मी करते तपती गर्मी में लोहे के सरिये से ये काम

40-46 डिग्री तापमान में शिकायतों पर असुरक्षित ढंग भरी दोपहरी में बगैर सुरक्षा उपकरणों ऐसी तपती गर्मी में नगर निगम के सफाईकर्मी लोहे के सरिये हाथों में लेकर सीवरेज की चॉक लाइनें खोलने के लिए सुबह, दोपहर और शाम दौड़ते रहते हैं

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तपती गर्मी में नगर निगम के सफाईकर्मी लोहे के सरिये हाथों में लेकर सीवरेज की चॉक लाइनें खोलने के लिए सुबह, दोपहर और शाम दौड़ते रहते हैं

रतलाम. मई माह इस साल खूब तप रहा हैं, पिछले 18-19 दिनों से दिन का तापमान शहर में 40 से 46 डिग्री सेल्सियस के मध्य चल रहा हैं। ऐसी तपती गर्मी में नगर निगम के सफाईकर्मी लोहे के सरिये हाथों में लेकर सीवरेज की चॉक लाइनें खोलने के लिए सुबह, दोपहर और शाम दौड़ते रहते हैं।

जब जमीन से लेकर आसमान तक हर दिन आग उगल रहा है, हर कोई छांव, पंखा, कूलर या एसी से राहत पाने का प्रयास करता है, वहीं दूसरी तरफ ग्रीष्म ऋतु की भरी दोपहर में ये कर्मी बगैर किसी सुरक्षा उपकरण के, असुरक्षित ढंग से गर्म तपते लोहे के सरिये से सीवरेज की लाइनों को साफ करने के लिए घंटों मशक्कत करते हैं।

सुरक्षा उपकरण नहीं
सफाईकर्मियों ने बताया कि गर्मी के दिनों में उन्हें अधिक परेशानी होती है। सरिया बहुत गर्म हो जाता है। उनके पास सुरक्षा उपकरण नहीं हैं, और सरिया घुमाते समय कभी-कभी तो हाथों में छाले तक पड़ जाते हैं, पर काम तो करना ही पड़ता है। यह स्थिति उनके स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम भरी है, क्योंकि उन्हें बिना दस्तानों या अन्य सुरक्षा साधनों के दूषित जल और गर्म धातु से निपटना पड़ता है।

चॉक नहीं खुलने पर लगाते सरिये
ये नजारे जहां भी सीवरेज चॉक होने या फिर उफनने की शिकायते मिलती है उन क्षेत्रों में आसानी से देखी जा सकती हैं। जवाहर नगर, सुभाष नगर, ज्योति नगर, इंदिरानगर, राजीव नगर हो या फिर अलकापुरी अधिकांश कॉलोनियों में आए दिन सीवरेज चॉक होने के कारण सडक़ों पर गंदा पानी बहता रहता है। कई स्थानों पर तो लोगों के घरों में भी गंदा पानी उल्टा आने लगता है। ऐसे में प्रतिदिन आने वाली शिकायतों पर सफाईकर्मियों को लगातार दौडऩा पड़ता है। सरिये से जब काम नहीं बनता हैं तो मशीनों का उपयोग किया जाता हैं।