RaipurNews: घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस वारदात ने ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली धोखाधड़ी और साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
Marriage Fraud: शादी के नाम पर महिलाओं को फंसाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा रायपुर पुलिस ने किया है। जीवनसाथी डॉटकॉम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं से दोस्ती करने वाला मुख्य आरोपी अभिनव सिंह उर्फ पहलवान पहले विश्वास जीतता था, फिर मुलाकात के दौरान नशीला पदार्थ खिलाकर उन्हें बेहोश कर देता था और घर में रखे सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो जाता था।
खम्हारडीह क्षेत्र की एक युवती को इसी तरीके से निशाना बनाने के मामले में रायपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिनव सिंह और उसके साथी हितिन नरूला को गिरफ्तार किया है। जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि आरोपी ने पिछले एक महीने के भीतर ही जीवनसाथी डॉटकॉम के माध्यम से करीब 100 महिलाओं से संपर्क किया था। पुलिस अब इन सभी संपर्कों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार युवती की आरोपी से करीब चार महीने पहले मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर पहचान हुई थी। 15 मई को आरोपी जन्मदिन मनाने के बहाने उसके घर पहुंचा। भोजन के दौरान उसने चिकन दोबारा पकाने का बहाना बनाकर उसमें नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाने के कुछ देर बाद युवती बेहोश हो गई। अगले दिन होश आने पर उसे पता चला कि उसके गले की सोने की चेन, अंगूठियां और आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर गायब हैं। आरोपी का मोबाइल भी बंद था। जांच में पता चला कि वारदात के दिन आरोपी अपने साथी हितिन नरूला के साथ रायपुर आया था। अभिनव युवती के घर गया, जबकि हितिन रेलवे स्टेशन पर इंतजार करता रहा। चोरी के बाद दोनों शहर छोड़कर फरार हो गए।
रायपुर पुलिस की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर पहले हितिन नरूला को उत्तराखंड के हरिद्वार से पकड़ा। उसकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी अभिनव सिंह को दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 57 हजार रुपए नकद, दो तोला सोने के जेवर, चांदी का ब्रेसलेट और पांच मोबाइल फोन समेत कुल 4.21 लाख रुपये का माल बरामद किया गया है।
पूछताछ में आरोपी ने विभिन्न राज्यों में इसी तरह की करीब आधा दर्जन वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार अभिनव सिंह फर्जी आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर अपनी पहचान बदलता था। वह पहले भी दिल्ली और उत्तराखंड में धोखाधड़ी, चोरी तथा वाहन चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।
पुलिस को आशंका है कि आरोपी का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है। इसी वजह से गिरफ्तार आरोपियों से अन्य संभावित साथियों और पीड़ित महिलाओं के संबंध में पूछताछ जारी है। पुलिस ने ऐसी किसी भी घटना की शिकार महिलाओं से आगे आने और कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 94791-91099 पर संपर्क करने की अपील की है।