Raipur Dhamtari Route: रायपुर सहित कई प्रमुख रूटों पर बस संचालकों द्वारा किराया बढ़ाकर लिया जा रहा है, जिससे यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। बिना किसी स्पष्ट सरकारी आदेश के बढ़े किराए ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है।
Bus Fare Hike: छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना शुरू हो गया है। रायपुर से धमतरी सहित कई प्रमुख रूटों पर बस संचालकों द्वारा किराया बढ़ाकर वसूला जा रहा है, जबकि परिवहन विभाग की ओर से किराया वृद्धि का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। अचानक बढ़े किराए से यात्रियों में नाराजगी है और इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद परिवहन विभाग की भूमिका और बस ऑपरेटरों की मनमानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई बस ऑपरेटरों ने बिना शासन की अनुमति के चुपचाप तरीके से किराए में 30 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है।
यात्रियों से एसी बस का किराया वसूला जा रहा है, जबकि वे गाड़ियाँ पूरी तरह से नॉन-एसी (सामान्य) हैं। इन बसों में नाम मात्र का एसी लगा हुआ है जिससे सिर्फ सामान्य हवा आती है। ठंडक या एसी जैसी कोई वास्तविक सुविधा यात्रियों को नहीं मिल रही है। यानी जो किराया और सुविधाएं लग्जरी बसों के लिए तय होती हैं, वही भारी-भरकम किराया अब सामान्य (नॉन-एसी) बसों में सफर करने वाले मजबूर यात्रियों से जबरन वसूला जा रहा है।
रायपुर से चारामा की दूरी लगभग 110 किलोमीटर है। इस बीच धमतरी शहर भी है। रायपुर से धमतरी सफर के लिए पहले यात्रियों से 120 रुपये का किराया लिया जाता था, लेकिन अब बिना किसी सरकारी आदेश के यात्रियों से सीधे 150 तक वसूले जा रहे हैं। इसी तरह रायपुर से चारामा का किराया 170 रुपये है, लेकिन अब 210 रुपये वसूला जा रहा है। प्रदेश के लगभग सभी छोटे-बड़े रूटों पर अवैध रूप से किराया बढ़ा दिया गया है। लंबे रूटों जैसे रायपुर से बैलाडीला का किराया पहले 800 रुपये था जिसे सीधे 1200 रुपये कर दिया गया है, और जगदलपुर का किराया 650 रुपये की जगह 800 रुपये वसूला जा रहा है।
बसों में सफर करने वाले जागरूक यात्री पुराने तय किराए की ही मांग कर रहे हैं। गाड़ी में किसी भी प्रकार का लिखित सरकारी आदेश न होने के कारण बसों के भीतर यात्रियों और कंडक्टरों के बीच हर दिन तीखी बहस और विवाद बढ़ रहा है। यात्री इसे खुली लूट कह रहे हैं, वहीं कंडक्टर ईंधन और स्पेयर पार्ट्स की बढ़ी कीमतों का हवाला देकर जबरन बढ़ा हुआ किराया वसूलने पर अड़े हुए हैं।
छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के अध्यक्ष सैयद अनवर अली का कहना है कि बस ऑपरेटर मनमाने तरीके से किराया नहीं बढ़ा रहे हैं। उनके मुताबिक लंबे समय तक प्रतिस्पर्धा के कारण कई रूटों पर निर्धारित किराए से भी कम दरों पर यात्रियों को सुविधा दी जाती रही है। उन्होंने कहा कि डीजल की बढ़ती कीमतें, स्पेयर पार्ट्स, वाहन मरम्मत, रखरखाव और अन्य परिचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं।
ऐसे में मौजूदा किराए पर बसों का संचालन करना आर्थिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है। महासंघ ने अपनी मांग सरकार के समक्ष रख दी है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। सैयद अनवर अली ने यह भी कहा कि यदि किराया पुनरीक्षण नहीं किया गया तो कई बस संचालकों के लिए परिवहन सेवा जारी रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।