Digital Arrest Scam: रायपुर पुलिस ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की है। ठग खुद को पुलिस, सीबीआई या ईडी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे या निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।
Digital Arrest Scam: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और लोगों को किसी मामले में फंसाने या गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं। इसके बाद वे पैसे ट्रांसफर कराने या निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि असली पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी या किसी प्रकार की "डिजिटल अरेस्ट" की कार्रवाई नहीं करती है।
साइबर ठग लोगों को फोन या वीडियो कॉल कर बताते हैं कि उनका नाम किसी आपराधिक मामले, मनी लॉन्ड्रिंग, पार्सल घोटाले या अन्य गंभीर अपराध में सामने आया है। इसके बाद वे खुद को अधिकारी बताकर पीड़ित को घंटों वीडियो कॉल पर रखते हैं और उसे घर से बाहर न निकलने या किसी से बात न करने के लिए कहते हैं। इसी प्रक्रिया को वे "डिजिटल अरेस्ट" का नाम देते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत में "डिजिटल अरेस्ट" जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। कोई भी पुलिस अधिकारी, जांच एजेंसी या सरकारी विभाग वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करता और न ही बैंक खाते की जानकारी या पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहता है।
साइबर अपराधी लोगों को जेल भेजने, बैंक खाते फ्रीज करने या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते हैं। कई मामलों में लोग घबराकर अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स और ओटीपी तक साझा कर देते हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों और फर्जी अधिकारियों के झांसे में न आएं। यदि किसी को डिजिटल अरेस्ट या साइबर ठगी से जुड़ी कॉल प्राप्त होती है, तो तुरंत इसकी शिकायत करें। पुलिस का कहना है कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। जितने अधिक लोग डिजिटल अरेस्ट जैसे फर्जी तरीकों के बारे में जानेंगे, उतना ही साइबर ठगों के लिए लोगों को निशाना बनाना मुश्किल होगा। इसलिए सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।