Raipur AI Innovation: छत्तीसगढ़ के रिटायर्ड प्रोफेसर गौरव तिवारी ने दो साल की रिसर्च के बाद ‘GeminAI GT’ नाम का ऑल-इन-वन AI प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिसमें मोबाइल ऐप डेवलपमेंट, वेबसाइट डिजाइनिंग, फोटो-वीडियो एन्हांसमेंट और हाई-क्वालिटी इमेज जनरेशन जैसी कई सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
Raipur AI Innovation: राआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अब छत्तीसगढ़ का नाम भी तेजी से उभरने लगा है। गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर और टेक एक्सपर्ट गौरव तिवारी ने दो साल की लंबी रिसर्च के बाद ‘GeminAI GT’ नाम का ऑल इन वन एआई प्लेटफॉर्म तैयार किया है। दावा किया जा रहा है कि यह छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा AI प्लेटफॉर्म है, जहां मोबाइल ऐप डेवलपमेंट, वेबसाइट डिजाइनिंग, फोटो-वीडियो एन्हांसमेंट और हाई क्वालिटी इमेज जनरेशन जैसी कई सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। प्रो. तिवारी का कहना है कि आमतौर पर इन सभी कामों के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर और विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है, लेकिन उनके बनाए प्लेटफॉर्म में यह सारी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध होंगी।
GeminAI GT की सबसे बड़ी खासियत इसका आसान इंटरफेस बताया जा रहा है। प्रो. गौरव तिवारी के मुताबिक इस प्लेटफॉर्म को इस तरह डिजाइन किया गया है कि कम तकनीकी जानकारी रखने वाला व्यक्ति भी इसका इस्तेमाल आसानी से कर सके। इस AI टूल की मदद से यूजर बिना ज्यादा कोडिंग सीखे मोबाइल ऐप और वेबसाइट तैयार कर सकेंगे। कुछ ही सेकंड में वेबसाइट डिजाइनिंग का काम पूरा किया जा सकेगा। इतना ही नहीं, एडवांस्ड 3D इफेक्ट्स वाली वेबसाइट भी तैयार की जा सकेगी।
AI प्लेटफॉर्म की मदद से खराब या लो क्वालिटी फोटो और वीडियो को बेहतर रिजोल्यूशन में बदला जा सकेगा। दावा किया गया है कि यह टूल 8K रिजोल्यूशन तक की हाई क्वालिटी तस्वीरें तैयार कर सकता है। प्रो. तिवारी ने बताया कि प्लेटफॉर्म मशीन लर्निंग तकनीक पर आधारित है, यानी इसका इस्तेमाल जितना ज्यादा होगा, यह हर बार उतना बेहतर परिणाम देने की क्षमता विकसित करेगा।
GeminAI GT अभी शुरुआती ट्रायल फेज में है, लेकिन इस दौरान ही करीब 30 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं। फिलहाल प्लेटफॉर्म को सार्वजनिक रूप से सीमित रखा गया है, क्योंकि इसका पेटेंट प्रोसेस जारी है। प्रो. तिवारी का कहना है कि पेटेंट प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे आम लोगों के लिए लॉन्च किया जाएगा। उनका दावा है कि यह प्लेटफॉर्म विदेशी AI टूल्स पर निर्भरता को कम करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
टेक एक्सपर्ट गौरव तिवारी का कहना है कि वर्तमान में ज्यादातर बड़े AI प्लेटफॉर्म विदेशी कंपनियों के नियंत्रण में हैं और उनके कई फीचर्स आम लोगों के लिए काफी जटिल होते हैं। इसी वजह से उन्होंने ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करने का प्रयास किया, जिसे आम लोग भी आसानी से समझ और इस्तेमाल कर सकें।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में AI केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, व्यापार, मीडिया, डिजाइनिंग और रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएगा।
प्रो. गौरव तिवारी ने बीई (इंस्ट्रूमेंटेशन) और एमटेक की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने बेंगलुरु से एम्बेडेड सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की विशेष ट्रेनिंग भी ली है। वे पहले छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी (CHiPS) में सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक वे अमेरिकी कंपनियों के लिए 900 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं। इनमें मोबाइल ऐप डेवलपमेंट, वेबसाइट डिजाइनिंग और एडवांस्ड सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। लंबे समय से आईटी सेक्टर में सक्रिय रहने के बाद अब उन्होंने अपना AI प्लेटफॉर्म विकसित किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्लेटफॉर्म बड़े स्तर पर सफल होता है तो यह छत्तीसगढ़ के टेक सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है। AI टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में राज्य की भागीदारी बढ़ाने और युवाओं को नए अवसर देने में यह प्लेटफॉर्म अहम भूमिका निभा सकता है।