Political News: वायरल ऑडियो में BJP विधायक रेणुका सिंह अपनी सरकार से नाराजगी व्यक्त करते हुए भूपेश सरकार की वापसी की बात कर रहीं हैं। हालांकि, विधायक रेणुका सिंह ने इस ऑडियो को पूरी तरह फर्जी और एआई जनरेटेड बताया है।
Political News: क्या फिर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल सकती है? यह सवाल इन दिनों छत्तीसगढ़ की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वजह है एक कथित ऑडियो, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और जिसने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस वायरल ऑडियो को लेकर राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है और पक्ष-विपक्ष दोनों ही इसे लेकर आमने-सामने आ गए हैं।
दरअसल, भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के दो कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन ऑडियो में विधायक अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाती और संगठन के नेताओं पर नाराजगी जाहिर करती नजर आ रही हैं। वायरल ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि सरकार “ऊपर से संचालित” हो रही है। इसमें यह भी कहा जा रहा है कि किसी को सीएम बनाकर तुरंत हटाया नहीं जा सकता, लेकिन शीर्ष स्तर पर असंतोष बना हुआ है। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि आने वाले समय में भूपेश बघेल की वापसी हो सकती है और वे फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
इसके अलावा कथित बातचीत में ब्यूरोक्रेसी को लेकर भी टिप्पणियां सामने आई हैं। हालांकि, इन सभी दावों को लेकर रेणुका सिंह ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वायरल ऑडियो को पूरी तरह फर्जी और AI जनरेटेड बताया है। विधायक का कहना है कि यह उनकी छवि को खराब करने और राजनीतिक रूप से बदनाम करने की साजिश है।
इस मामले को लेकर रेणुका सिंह ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और फोरेंसिक जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस तरह के वायरल कंटेंट पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। इधर पुलिस ने भी शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर ऑडियो की तकनीकी जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह वास्तविक है या AI तकनीक से तैयार किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, इस विवाद की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई थी। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भाजपा जिला महामंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विधायक रेणुका सिंह की शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र से लगातार गायब रहती हैं और जनता के बीच सक्रिय नहीं हैं। इसके बाद से ही पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाएं तेज थीं। अब कथित वायरल होने के बाद भाजपा के अंदरूनी मतभेदों को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, 24 घंटे के भीतर एक और कथित ऑडियो सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। इस दूसरे ऑडियो में कथित तौर पर चुनावी रणनीति और राजनीतिक बातचीत से जुड़े दावे किए जा रहे हैं, हालांकि इसकी भी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और सच्चाई का पता फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आने की उम्मीद है। इस घटना ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है कि क्या वास्तव में आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं या यह सिर्फ एक वायरल अफवाह है।