Tyler Andrews Everest Record: अमेरिका के पर्वतारोही टायलर एंड्रयूज ने माउंट एवरेस्ट पर सबसे तेज चढ़ाई का नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया। इससे पहले भी कई रिकॉर्ड बना चुके हैं। आइए, पूरी कहानी पढ़ते हैं।
Tyler Andrews Everest Record: बचपन में अस्पताल के बिस्तर पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जिंदगी की जंग लड़ने वाले एक बच्चे ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर नया इतिहास रच दिया है। अमेरिका के 36 वर्षीय एंड्योरेंस एथलीट और मशहूर पर्वतारोही टायलर एंड्रयूज (Tyler Andrews) ने माउंट एवरेस्ट पर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टायलर ने नेपाल के दक्षिणी बेस कैंप से एवरेस्ट के शिखर तक की खड़ी चढ़ाई केवल 9 घंटे 55 मिनट में पूरी करके 23 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। गंभीर बीमारी को मात देकर कामयाबी के इस शिखर तक पहुंचने का उनका यह सफर सिर्फ रिकॉर्ड मात्र नहीं है, बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए कभी न हार मानने वाले हौसले और अटूट इच्छाशक्ति की सबसे बड़ी मिसाल बन गया है।
अमेरिका के रहने वाले एंड्योरेंस एथलीट टायलर एंड्रयूज ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट 8,848.86 मीटर पर सबसे तेजी से चढ़ने का एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। जहां हवा में ऑक्सीजन सिर्फ 30% बचती है। टायलर एंड्रयूज ने नेपाल की तरफ बने दक्षिणी बेस कैंप से एवरेस्ट के शिखर तक की केवल 9 घंटे 55 मिनट में पूरा कर लिया। इस कामयाबी के साथ वह स्थानीय शेरपा गाइडों के अलावा, दुनिया के पहले ऐसे विदेशी जो सबसे काम समय में पहाड़ चढ़ने वाले बन गए हैं। टायलर एंड्रयूज कहानी दुनिया भर के लाखों लोगों को अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर उम्मीद और हिम्मत देने वाली मिसाल है।
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सबसे तेज चढ़ाई करने का रिकॉर्ड लंबे समय तक नेपाल के पर्वतारोही ल्हाक्पा गेलु शेरपा के नाम दर्ज था। उन्होंने साल 2003 में यह बेहद मुश्किल चढ़ाई मात्र 10 घंटे 56 मिनट में पूरी की थी। करीब 23 सालों तक दुनिया का कोई भी पहाड़ चढ़ने वाले उनके इस समय को चुनौती नहीं दे पाया और यह रिकॉर्ड कायम रहा। लेकिन टायलर एंड्रयूज ने इस पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। टायलर ने ल्हाक्पा गेलु शेरपा के समय के मुकाबले 1 घंटे से भी ज्यादा की बचत करते हुए, एवरेस्ट के शिखर तक पहुंचने का यह नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
| पर्वतारोही | वर्ष | समय |
|---|---|---|
| टायलर एंड्रयूज | 2026 | 9 घंटे 55 मिनट |
| ल्हाक्पा गेलु शेरपा | 2003 | 10 घंटे 56 मिनट |
| पेम्बा दोर्जे शेरपा | 2003 | 12 घंटे 45 मिनट |
| फुंजो झांगमु लामा (महिला) | 2024 | 14 घंटे 31 मिनट |
| बाबू चिरी शेरपा | 2000 | 16 घंटे 56 मिनट |
| काजी शेरपा (बिना ऑक्सीजन) | 1998 | 20 घंटे 24 मिनट |
दुनिया भर में एथलीट टायलर एंड्रयूज की चर्चा हो रही है, उनका बचपन बहुत सी कठिनाइयों से भरा था। टायलर एंड्रयूज का जन्म 4 मई 1990 को अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के उपनगरीय इलाके में हुआ था। टायलर एंड्रयूज जब 6 साल के थे, तब डॉक्टरों को पता चला कि उन्हें एप्लास्टिक एनीमिया (Aplastic Anemia) नाम की एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी में शरीर में जरूरी खून नहीं बन पाता। ठीक होने के लिए उन्हें कई बार कीमोथेरेपी जैसे कठिन इलाज से गुजरना पड़ा। लेकिन अपने परिवार और डॉक्टरों की लगातार कोशिशों से वह धीरे-धीरे ठीक हो गए और एक सामान्य जीवन जीने लगे। बचपन के इसी संघर्ष ने उनके अंदर वह पक्का इरादा और हिम्मत पैदा की, जिसने आगे चलकर उन्हें दुनिया की सबसे ऊंची और कठिन चोटियों को पार करने की ताकत दी।
एवरेस्ट पर नया इतिहास रचने से पहले भी टायलर एंड्रयूज दुनिया की कई प्रतिष्ठित चोटियों पर स्पीड क्लाइम्बिंग के रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। ऊंचे पहाड़ों पर तेज गति से चढ़ाई करने की उनकी क्षमता ने उन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन एंड्योरेंस एथलीट्स और पर्वतारोहियों में शामिल किया है।