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2028 तक चालू होगा बिहार का सबसे बड़ा 6-लेन गंगा पुल, मिनटों में तय होगी पटना से छपरा की दूरी

Bihar six lane bridge: गंगा नदी पर सबसे बड़ा 6-लेन महासेतु तेजी से आकार ले रहा है। दानापुर के शेरपुर से सारण के दिघवारा के बीच बन रहा यह 14.5 किलोमीटर लंबा पुल साल 2028 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा।

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गंगा नदी पर बना 6 लेन का पुल (सांकेतिक तस्वीर)

Bihar six lane bridge: उत्तरी और दक्षिणी बिहार के बीच की दूरी को कम करने जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए गंगा नदी पर तेजी से एक और पुल का निर्माण हो रहा है। पटना जिला के शेरपुर और सारण जिला के दिघवारा के बीच बन रहा यह छह-लेन वाला सेतु बिहार का सबसे बड़ा गंगा पुल होगा और साल 2028 तक यह पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। लगभग 14.5 किलोमीटर लंबे इस पुल के चालू होने से पटना और छपरा के बीच का सफर मिनटों में पूरा हो जाएगा।

3,012 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण

इस मेगा-प्रोजेक्ट को एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लगभग 3,012 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूरा किया जा रहा है। फिलहाल गंगा नदी के दोनों किनारों पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है। दिघवारा के पास जहां पियर का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं नदी के बीच में बड़े-बड़े पिलर खड़े किए जा रहे हैं।। यह पुल पूरी तरह चालू होने के बाद नेशनल हाईवे-131G (NH-131G) को नेशनल हाईवे-19 (NH-19) से सीधे जोड़ देगा। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में 10 साल की मेंटेनेंस क्लॉज जोड़ी गई है, जिसके तहत निर्माण कंपनी ही अगले 10 वर्षों तक इस पुल की देखरेख करेगी।

दिघवारा साइड चल रहा पुल का निर्माण कार्य

पटना रिंग रोड का हिस्सा होगा पुल

दरअसल, यह छह-लेन पुल पटना रिंग रोड परियोजना का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। फिलहाल दिघवारा और दानापुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों को पटना शहर के बीच से होकर गुजरने वाले लंबे और घुमावदार रास्ते का सहारा लेना पड़ता है, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि ईंधन की भी भारी खपत होती है। इस पुल के शुरू हो जाने से वाहनों को एक सीधा और एक्सप्रेस रूट मिल जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस पुल के शुरू होने के बाद जेपी सेतु, कोइलवर पुल और आरा-डोरीगंज मार्ग पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और गाड़ियों के दबाव से भारी राहत मिलेगी।

बिहटा एयरपोर्ट की दूरी होगी कम

इस पुल के निर्माण से सबसे ज्यादा फायदा बिहटा में बन रहे नए हवाई अड्डे को होगा। जब यह पुल चालू हो जाएगा तो छपरा को बिहटा हवाई अड्डे से जोड़ने वाले रास्ते की दूरी लगभग 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके अलावा, यह पुल बिहार में धार्मिक पर्यटन के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। बेहतर सड़क संपर्क से सोनपुर में मशहूर बाबा हरिहरनाथ मंदिर और आमी में स्थित मां अंबिका भवानी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत होगी।

जमीन के दामों में आया उछाल

पुल के निर्माण की तेज रफ्तार को देखते हुए दिघवारा और उसके आस-पास के इलाकों में रियल एस्टेट बाजार अचानक से गरमा गया है। स्थानीय निवासियों और प्रॉपर्टी डीलरों का कहना है कि जब से इस प्रोजेक्ट की घोषणा हुई है और उसके बाद काम में प्रगति हुई है, तब से इस क्षेत्र में जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं। भविष्य में होने वाले कमर्शियल डेवलपमेंट की उम्मीदों को देखते हुए बड़े निवेशकों ने इस नए संपर्क मार्ग के आस-पास स्थित जमीन के टुकड़ों में भारी निवेश करना शुरू कर दिया है।

बिहार का नया ट्रांसपोर्ट और कमर्शियल हब बनेगा यह क्षेत्र

यह 6-लेन वाला पुल इस क्षेत्र में चल रहे अन्य बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के साथ मिलकर काम करेगा। इनमें हाजीपुर-छपरा चार-लेन सड़क और प्रस्तावित पटना-पूर्णिया ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे शामिल हैं। स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि इन सभी प्रोजेक्टों के मिले-जुले प्रभाव से आने वाले वर्षों में यह पूरा इलाका एक बड़े ट्रांसपोर्ट और कमर्शियल हब बन जाएगा। पुल के चालू होने के बाद, परिवहन, होटल-रेस्टोरेंट, व्यापार और छोटे उद्योगों में युवाओं के लिए हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।