# पटना

MLC चुनाव से पहले बढ़ी तेजस्वी यादव की टेंशन, ओवैसी की पार्टी ने याद दिलाया पुराना वादा

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव की सुगबुगाहट के बीच सीटों को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने तेजस्वी यादव को राज्यसभा चुनाव के समय किया गया उनका पुराना वादा याद दिलाया है

2 min read
राजद नेता तेजस्वी यादव और AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Photo-IANS)

Bihar MLC Election:बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन का कार्य शुरू हो गया है, हालांकि अभी तक किसी भी उम्मीदवार ने पर्चा नहीं भरा है। इसी बीच सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने अपनी डिमांड सामने रखकर RJD के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव की टेंशन बढ़ा दी है। संख्या बल के लिहाज से मौजूदा परिस्थितियों में यह माना जा रहा है कि 10 में से एक सीट RJD के खाते में ही जाएगी। अब इस एकमात्र उपलब्ध सीट पर भी AIMIM ने अपना दावा ठोक दिया है, जिससे तेजस्वी यादव के लिए महागठबंधन के सदस्यों को संतुष्ट करना एक चुनौती बन गया है।

वादा निभाने का मौका आ गया है…

पटना पहुंचे AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब तेजस्वी यादव को अपना पुराना वादा पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जब राज्यसभा चुनाव के दौरान धर्मनिरपेक्ष (सेक्युलर) विचारधारा के लोगों को साथ देने की जरूरत पड़ी थी, तब तेजस्वी यादव ने हमें बातचीत का न्योता दिया था। हमने उस वक्त उनके सामने प्रस्ताव रखा था कि हमारे व्यक्ति को राज्यसभा जाने दिया जाए।'

अख्तरुल इमान ने आगे बताया कि उस समय तेजस्वी यादव ने असमर्थता जताते हुए भरोसा दिया था कि अभी राज्यसभा में आरजेडी के उम्मीदवार को जाने दीजिए, आने वाले दिनों में आपके (AIMIM) बारे में विचार किया जाएगा। इमान ने कहा कि चूंकि तेजस्वी यादव ने खुद यह वादा किया था, इसलिए उन्हें इस पर कायम रहना चाहिए। अब वह मौका आ गया है जब आरजेडी को एआईएमआईएम का हक देना चाहिए।

कल हमारी जरूरत थी, आज आपकी बारी

जब अख्तरुल इमान से पूछा गया कि क्या एआईएमआईएम के पास इतनी सदस्य संख्या है कि वह सीट का दावा कर सके? इस पर उन्होंने कहा, 'यह सच है कि हमारे पास अकेले अपने दम पर विधान परिषद सदस्य चुनने के लिए पर्याप्त आंकड़े नहीं हैं, इसलिए हमें दूसरों के सहयोग की जरूरत है। लेकिन आरजेडी को यह नहीं भूलना चाहिए कि कल तक जब उनके पास राज्यसभा सदस्य के लिए आंकड़े पूरे नहीं हो रहे थे, तब उन्होंने हमारा सहयोग लिया था। हमारे सहयोग से ही उनकी साख बची थी।'

तेजस्वी अगर रिश्ता रखना चाहते हैं तो मौका देना होगा

अख्तरुल ईमान ने राज्यसभा चुनाव में राजद उम्मीदवार की हार पर चुटकी लेते हुए कहा कि उनके अपने कुछ लोग धोखा कर गए वह अलग मसला है, लेकिन हमने बड़ी ईमानदारी के साथ तेजस्वी का साथ दिया था। अगर तेजस्वी यादव और आरजेडी भविष्य में भी हमारे साथ ऐसा ही मजबूत रिश्ता रखना चाहते हैं, तो उन्हें इस बार हमें मौका देना होगा। इमान ने साफ किया कि इस मांग को लेकर वे जल्द ही पटना में तेजस्वी यादव से मुलाकात करेंगे या अन्य माध्यमों से बात करेंगे।

आज भी हम टीका-टोपी पर लड़ रहे

इस दौरान अख्तरुल इमान ने बिहार के अन्य मुद्दों पर भी सम्राट सरकार को घेरा। बिहार सरकार द्वारा मदरसों को मिलने वाले अनुदान की जांच कराने के फैसले पर उन्होंने कहा, 'शिक्षा विभाग के पास सचिवालय से लेकर ब्लॉक लेवल तक अधिकारियों की पूरी फौज है। उनका काम ही यही है कि पठन-पाठन ठीक से हो। जांच कोई नया मामला नहीं है, लेकिन जहां मदरसा शब्द आता है, कुछ लोगों को खुजली होने लगती है। जांच सिर्फ मदरसे की क्यों? स्कूलों और कॉलेजों की भी होनी चाहिए।' उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि विकसित देश साइंस, टेक्नोलॉजी और आर्ट्स में आगे बढ़ रहे हैं और हम आज भी गाय, गोबर, मंदिर, मस्जिद, टीका और टोपी में उलझकर आपस में लड़ रहे हैं।