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बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर बनाम पवन सिंह की संभावित जंग ने बढ़ाया सियासी तापमान

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। प्रशांत किशोर और पवन सिंह के संभावित मुकाबले की चर्चा तेज है। भाजपा की ओर से पवन सिंह को मैदान में उतारने की अटकलें हैं

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भोजपुरी सुपरस्टार अभिनेता और गायक पवन सिंह

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। प्रशांत किशोर का नाम सामने आने के बाद भाजपा की ओर से पवन सिंह को चुनाव मैदान में उतारने की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, भाजपा नेता इस मुद्दे पर फिलहाल कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने इसको लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं प्रशांत किशोर ने सोमवार को ही बांकीपुर सीट पर जन सुराज के मजबूत मुकाबले का दावा किया था।

चुनाव के बाद सियासत से अलग-थलग पवन सिंह

पवन सिंह बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद से राजनीतिक रूप से अलग-थलग नजर आ रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार से भी दूरी बनाए रखी, जबकि अन्य भोजपुरी सितारों ने जमकर प्रचार किया था। इसके अलावा, उन्होंने बिहार में सम्राट चौधरी की कैबिनेट के ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह से भी दूरी बनाई। विधानसभा चुनाव के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है, लेकिन उन्हें वहां भी मौका नहीं मिला।

पवन सिंह को लेकर बढ़ी अटकलें

बांकीपुर विधानसभा सीट पर उनके नाम की चर्चा को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह क्षेत्र कायस्थ बहुल माना जाता है, जो पवन सिंह के पक्ष में पूरी तरह अनुकूल नहीं बैठता। हालांकि अपनी जबरदस्त फैन फॉलोइंग और युवाओं में लोकप्रियता के कारण वे इस सीट पर एक मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इसके बावजूद उनके साथ जुड़े कुछ विवाद भी चर्चा में रहते हैं। उपचुनाव के बाद कार्यकाल का लंबा समय बचा होने के कारण माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें उचित अवसर देकर इस सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है।

जो कुछ करना पड़ेगा, वो सब करेंगे

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को हराने के लिए “जो कुछ करना पड़ेगा, वो सब करेंगे” प्रशांत किशोर के इस ऐलान के बाद यह मुकाबला काफी रोचक हो गया था। प्रशांत किशोर ने सोमवार को कहा था कि बांकीपुर सीट पर पिछले 40-45 वर्षों से बीजेपी का कब्जा रहा है। उन्होंने दावा किया था कि जन सुराज, बांकीपुर सीट पर बीजेपी को हराकर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की हार का हिसाब चुकता करेगी। यह सीट न सिर्फ बीजेपी की परंपरागत सीट मानी जाती है, बल्कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की भी रही है। प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई थी। इसके बाद ही बीजेपी की ओर से आज (मंगलवार) पवन सिंह का नाम चर्चा में आया है।