# नई दिल्ली

रेलवे की शुरुआती जांच में खुलासा, ट्रेनों में आगजनी की सुनियोजित साजिश

देशभर में ट्रेनों में आगजनी की कोशिशों के मामलों ने रेलवे प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। रेलवे की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि हाल के दिनों में सामने आई कुछ घटनाएं सामान्य दुर्घटनाएं नहीं, बल्कि सुनियोजित शरारती और आपराधिक गतिविधियों का हिस्सा हो सकती हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और संबंधित एजेंसियों ने मामलों की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि हावड़ा स्टेशन पर खड़ी मिथिला एक्सप्रेस के एक कोच में आग लगने की सूचना मिली। जांच के दौरान कोच से पेट्रोल से भीगा हुआ आधा जला कपड़ा बरामद किया गया, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है।

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नई दिल्ली। देशभर में ट्रेनों में आगजनी की कोशिशों के मामलों ने रेलवे प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। रेलवे की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि हाल के दिनों में सामने आई कुछ घटनाएं सामान्य दुर्घटनाएं नहीं, बल्कि सुनियोजित शरारती और आपराधिक गतिविधियों का हिस्सा हो सकती हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और संबंधित एजेंसियों ने मामलों की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।

रेलवे सूत्रों ने बताया कि हावड़ा स्टेशन पर खड़ी मिथिला एक्सप्रेस के एक कोच में आग लगने की सूचना मिली। जांच के दौरान कोच से पेट्रोल से भीगा हुआ आधा जला कपड़ा बरामद किया गया, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह संकेत किसी सुनियोजित आगजनी की कोशिश की ओर इशारा करता है। इसी तरह गाड़ी संख्या 14802 इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस के बी-1 कोच में भी धुआं उठने की घटना सामने आई थी। अमरपुरा स्टेशन के निकट किसी अज्ञात व्यक्ति ने उपयोग किए गए लिनेन और बेडरोल पर जलती हुई सिगरेट या अन्य ज्वलनशील वस्तु फेंक दी गई थी।

रेलवे कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। सूत्रों का कहना है कि शुरुआती परिस्थितियां इस ओर संकेत करती हैं कि कुछ असामाजिक तत्व यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने और रेलवे व्यवस्था में भय एवं अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी सतर्क रहने और किसी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है। रेलवे सुरक्षा बल ने सभी घटनाओं की जांच तेज कर दी है और दोषियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है।