देश में गर्मी की स्थिति के दोपहर में दो से चार के बीच पीक टाइम के रूप में सामने आ रहा है। मंत्रालय के अनुसार इस समय कूलिंग उपकरणों के कारण मांग में बढ़ोतरी हो रही है। दिन में सोलर पॉवर का सहयोग मिलने से जहां बिजली आपूर्ति की जाती है वहीं रात में सौर उर्जा नहीं मिलने से बिजली का इंतजाम एक बड़ा संकट बन जाता है। गुरुवार को अब तक की सर्वाधिक मांग 270.82 गीगावाट रही। शुक्रवार को इसमें थोड़ी कमी आई पर फिर भी यह दूसरी सर्वाधिक मांग रही। हालांकि उर्जा मंत्रालय का दावा है कि वे मांग को पूरा कर रहे हैं लेकिन देश के कई हिस्सों से लोग बिजली कटौती की शिकायत भी कर रहे हैं। उर्जा मंत्रालय ने शुक्रवार को बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली के संयमित उपयोग की अपील भी की है।
नई दिल्ली। तेज गर्मी के कारण देश में बिजली की मांग जबरदस्त बढ़ गई है। पिछले पांच दिन में बिजली की खपत पिछले सालों की तुलना में सर्वाधिक रही है। गुरुवार को अब तक की सर्वाधिक मांग 270.82 गीगावाट रही। शुक्रवार को इसमें थोड़ी कमी आई पर फिर भी यह दूसरी सर्वाधिक मांग रही। हालांकि उर्जा मंत्रालय का दावा है कि वे मांग को पूरा कर रहे हैं लेकिन देश के कई हिस्सों से लोग बिजली कटौती की शिकायत भी कर रहे हैं। उर्जा मंत्रालय ने शुक्रवार को बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली के संयमित उपयोग की अपील भी की है।
देश में गर्मी की स्थिति के दोपहर में दो से चार के बीच पीक टाइम के रूप में सामने आ रहा है। मंत्रालय के अनुसार इस समय कूलिंग उपकरणों के कारण मांग में बढ़ोतरी हो रही है। दिन में सोलर पॉवर का सहयोग मिलने से जहां बिजली आपूर्ति की जाती है वहीं रात में सौर उर्जा नहीं मिलने से बिजली का इंतजाम एक बड़ा संकट बन जाता है। हालांकि मंत्रालय दावा कर रहा है कि गैर सौर उर्जा घंटों में भी मांग को पूरा किया जा रहा है लेकिन दिन में सौर उर्जा की हिस्सेदारी बड़ी रहती है। वहीं गुरुवार को अब तक के सर्वाधिक पीक डिमांड को पूरा करते में थर्मल की हिस्सेदारी 62.8%, सोलर की 22.0%, पवन की 5.0%, जलविद्युत की 5.8% थी।
| 18 मई | 257.37 गीगावाट |
| 19 मई | 260.45 गीगावाट |
| 20 मई | 265.44 गीगावाट |
| 21 मई | 270.82 गीगावाट |
| 22 मई | 267.5 गीगावाट |
क्यों बढ़ रही है भीषण गर्मी?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में इस समय हीटवेव जैसी स्थिति बनी हुई है। राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार गर्मी बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम होने से उत्तर भारत में ठंडी हवाओं का असर नहीं दिख रहा है। दूसरी ओर, शुष्क और गर्म हवाएं लगातार मैदानी इलाकों की ओर आ रही हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शहरीकरण, कंक्रीट संरचनाओं का विस्तार और हरित क्षेत्र कम होने से “अर्बन हीट आइलैंड” प्रभाव भी बढ़ा है, जिसके कारण बड़े शहरों में रात के समय भी तापमान अधिक बना हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में लू चलने और तापमान सामान्य से ऊपर बने रहने की आशंका जताई है। इसके चलते एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के इस्तेमाल में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे बिजली की मांग नए रिकॉर्ड बना रही है।