# राष्ट्रीय

UN Peacekeepers Day: संयुक्त राष्ट्र आज भारत के दो शहीद जांबाज सैनिकों को देगा ‘डैग हैमरस्कजॉल्ड मेडल’

UN Peacekeepers Day: अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस पर संयुक्त राष्ट्र भारत के दो शहीद सैनिकों लांस हवलदार हरभजन सिंह और नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान को मरणोपरांत प्रतिष्ठित ‘डैग हैमरस्कजॉल्ड मेडल’ से सम्मानित करेगा। वहीं भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलिकॉप्टर पायलट मेजर अभिलाषा बराक को लेबनान मिशन में उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड दिया जाएगा।

2 min read
UN Peacekeepers Day 2026 (AI Image)

UN Peacekeepers Day 2026: अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र आज भारत के दो वीर शांति सैनिकों को मरणोपरांत प्रतिष्ठित ‘डैग हैमरस्कजॉल्ड मेडल’ से सम्मानित करेगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस यह सम्मान उन सैनिकों को प्रदान करेंगे, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। सम्मानित होने वाले भारतीय सैनिकों में कांगो में तैनात लांस हवलदार हरभजन सिंह और दक्षिण सूडान मिशन में सेवाएं देने वाले नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान शामिल हैं।

कांगो और दक्षिण सूडान मिशन में दी थी सेवाएं

लांस हवलदार हरभजन सिंह संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरीकरण मिशन इन डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (MONUSCO) में तैनात थे, जबकि नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान संयुक्त राष्ट्र मिशन इन साउथ सूडान (UNMISS) का हिस्सा थे। दोनों सैनिकों ने शांति मिशन के दौरान अपनी जान गंवाई थी। संयुक्त राष्ट्र की ओर से दिया जाने वाला ‘डैग हैमरस्कजॉल्ड मेडल’ उन शांति सैनिकों को समर्पित है, जिन्होंने वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

मेजर अभिलाषा बराक को भी मिलेगा सम्मान

इस अवसर पर भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को ‘2025 मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के तहत महिलाओं के सशक्तिकरण और जेंडर संवेदनशीलता को बढ़ावा देने में अहम योगदान के लिए दिया जा रहा है।

मेजर अभिलाषा बराक भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलिकॉप्टर पायलट के रूप में जानी जाती हैं। वर्तमान में वह लेबनान में फीमेल एंगेजमेंट टीम की कमांडर के तौर पर कार्यरत हैं। इससे पहले मेजर सुमन गवानी और मेजर राधिका सेन भी यह सम्मान हासिल कर चुकी हैं।

UN शांति मिशनों में भारत का बड़ा योगदान

संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत का योगदान लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। अब तक करीब 180 भारतीय शांति सैनिक संयुक्त राष्ट्र मिशनों के दौरान शहीद हो चुके हैं, जो किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक संख्या है। भारत वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता देश है।

इस समय 4,200 से अधिक भारतीय सैन्य और पुलिसकर्मी विभिन्न UN मिशनों में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें 155 महिला कर्मी भी शामिल हैं। भारतीय जवान कांगो, लेबनान, दक्षिण सूडान, सोमालिया, साइप्रस और पश्चिमी सहारा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं।

दुनिया में बढ़ा भारत का सम्मान

संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारतीय सैनिकों की बहादुरी, अनुशासन और पेशेवर क्षमता की दुनिया भर में सराहना की जाती है। संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में शांति और स्थिरता कायम रखने में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा भारतीय सैनिकों और अधिकारियों को दिए जा रहे सम्मान को वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव और भरोसे के रूप में भी देखा जा रहा है।