तृणमूल कांग्रेस सांसद Kakoli Ghosh Dastidar ने पार्टी नेतृत्व से नाराजगी के बीच अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उनके फैसले से बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
Kakoli Ghosh Dastidar Resigns from TMC Party: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद पूर्व सीएम ममता बनर्जी को लगातार झटके लग रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने अब पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। पार्टी के अंदर लंबे समय से चल रही नाराजगी के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है।
काकोली घोष दस्तिदार बारासात से चार बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं और पार्टी की महिला इकाई में भी उनकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने बुधवार को अपने सभी पद छोड़ दिए। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अपना इस्तीफा TMC के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी को भेजा है।
इससे पहले रविवार को काकोली घोष ने TMC के बारासात जिला अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था। पार्टी ने अगले ही दिन उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए तपस चटर्जी को नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। इसके बाद से ही पार्टी के अंदरूनी माहौल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। माना जा रहा है कि हाल के चुनावी नतीजों और संगठन के भीतर फैसलों को लेकर वह काफी समय से नाराज थीं।
काकोली घोष TMC की महिला इकाई की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी हैं। इसके अलावा काकोली पार्टी के बंगा जननी (Banga Janani) कार्यक्रम से भी जुड़ी रही हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उन्हें पार्टी के पुराने और भरोसेमंद चेहरों में गिना जाता है। ऐसे में उनका सभी पदों से हटना TMC में बढ़ती नाराजगी और बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
काकोली घोष का नाम उस समय और ज्यादा चर्चा में आया जब वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में पहुंचीं। यह बैठक कल्याणी में हुई थी। सूत्रों का दावा है कि पार्टी की तरफ से उन्हें इस बैठक में शामिल नहीं होने के संकेत दिए गए थे। इसके बावजूद उनकी मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि TMC सांसद काकोली ने उनसे कहा था कि उन्हें 'आखिरकार आजादी मिल ही गई।' इस बयान के सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में चर्चाएं और तेज हो गईं। हालांकि काकोली घोष की तरफ से इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।