West Bengal Politics: ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका देते हुए, हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता ऋतब्रता बनर्जी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी गई है।
Rebel MLA Ritabrata Banerjee: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस टूट गई है। विधानसभा स्पीकर ने बागी विधायक दल को मंजूरी दे दी है। बंगाल में ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता होंगे। आज सुबह बनर्जी राज्य विधानसभा में यह दावा करते हुए पहुंचे थे कि उन्हें पार्टी के 80 विधायकों में से 59 का समर्थन प्राप्त है।
बंगाल विधानसभा अध्यक्ष रथेंद्र बोस ने पार्टी के बागी नेता ऋतब्रता बनर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त करने की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही कि राज्य विधानसभा में विपक्ष के लिए आवंटित कमरे की चाबियां भी उन्हें सौंप दी गईं।
तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित ऋतब्रता बनर्जी ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी को एक नई भूमिका सौंपी है। उन्होंने कहा कि हम ममता बनर्जी से इस विपक्षी मोर्चे की मुख्य सलाहकार बनने का अनुरोध करेंगे।
निष्कासित टीएमसी विधायक ऋतब्रता बनर्जी ने कहा कि जहां तक 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा का सवाल है, अभिषेक बनर्जी का इस विधानसभा से कोई संबंध नहीं है। संसद सदस्य के रूप में उन्होंने पहले जाली दस्तावेजों के साथ एक पत्र भेजा था। इसलिए यह अध्यक्ष का विशेषाधिकार है। वे क्या करेंगे, मुझे नहीं पता। अगर ऐसा कुछ हुआ है और यह साबित हो जाता है, तो इस विधानसभा के अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी की लोकसभा सदस्यता रद्द करने के लिए पत्र लिख सकते हैं।
टीएमसी नेता प्रसून बनर्जी ने कहा कि भाजपा के खिलाफ हमारा राजनीतिक संघर्ष बिना रुके जारी रहेगा। हमारी वैचारिक लड़ाई चलती रहेगी। इसके अलावा, जहां भी आवश्यक होगा, एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में सरकार के साथ हमारा सहयोग भी जारी रहेगा। आज आप जो देख रहे हैं वह कोई असाधारण बात नहीं है। यह केवल इस बात का प्रतीक है कि अधिकांश विधायकों ने सामूहिक रूप से चार नेताओं का चुनाव किया है जो विधानसभा में हमारा प्रतिनिधित्व करेंगे और हमारा नेतृत्व करेंगे।
कोलकाता में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी अपने आवास पर बैठक कर रही हैं। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, विधायक और प्रवक्ता कुणाल घोष और पार्टी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन भी वहां पहुंचे।
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की विभिन्न समितियों को भंग किया गया है, पार्टी को नहीं। हालांकि, कुछ लोग यह झूठा प्रचार करने की कोशिश कर रहे हैं कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी के रूप में भंग हो गई है। यह सच नहीं है।