रेलवे स्टेशनों पर अब समोसा 20 रुपये का मिलेगा। लोगों को उम्मीद है कि हर बार की तरह इस बार भी राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सरकार से सस्ता करने की अपील करेंगे।
Raghav Chadha Viral Video: मिडिल ईस्ट संकट का असर अब भारत में दिखने लगा है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। आम जनता पर एक के बाद एक महंगाई का बम फट रहा है। गैस के दाम बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। अब रेलवे स्टेशनों पर भी खाने-पीने की चीजें महंगी होने वाली हैं। सेंट्रल रेलवे के तहत आने वाले स्टेशनों पर एक जून से खाने-पीने के सामान के लिए ज्यादा दाम चुकाने होंगे। ऑफिस ऑफ चीफ कमर्शियल मैनेजर (क्लेम्स एंड कैटरिंग) द्वारा 25 मई को जारी आधिकारिक सर्कुलर में रेट बढ़ाने की बात कही गई है। नई कीमतों के मुताबिक अब ट्रेन में समोसा 20 रुपये का मिलेगा।
इसी बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में राघव चड्ढा एयरपोर्ट पर चाय-समोसा महंगा होने की समस्या उठाते नजर आ रहे हैं।
उन्होंने कहा था कि आमतौर पर पैसेंजर्स चेक-इन और सिक्योरिटी कराने के बाद वेटिंग एरिया में अपने बोर्डिंग जहाज (फ्लाइट) का इंतजार करते हैं, जहां उन्हें खाने-पीने की चीजों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। लेकिन एयरपोर्ट्स पर ये किफायती उड़ान यात्री कैफे चेक-इन और सिक्योरिटी से पहले बनाए गए हैं, जिसका पैसेंजर्स को ज्यादा फायदा नहीं मिलता है; क्योंकि चेक-इन से पहले तो पैसेंजर बाहर का खाना-पीना भी ला सकता है और खा सकता है। असली जरूरत तो डिपार्चर होल्ड एरिया और बोर्डिंग जोन में होती है, जहां पैसेंजर्स को लंबे समय तक अपनी फ्लाइट का इंतजार करना पड़ता है और वहां पर ये कैफे नहीं हैं।
तब AAP के सांसद राघव चड्ढा ने कहा था, 'तीसरा पॉइंट यह है कि इसके अलावा कई जगहों पर लिमिटेड काउंटर्स होने की वजह से लंबी लाइनें लग जाती हैं। खास करके पीक ट्रैवल टाइम में लिमिटेड मेन्यू ऑप्शन और कैपेसिटी कंस्ट्रेंट्स (सीमित क्षमता) के कारण इनकी एक्सेसिबिलिटी लिमिटेड हो जाती है। मेरा सरकार से अनुरोध है कि हर छोटे-बड़े एयरपोर्ट पर, खास करके चेक-इन और सिक्योरिटी के बाद वाले एरियाज में इन कैफेस की शुरुआत की जाए ताकि पैसेंजर्स को बेहतर फूड ऑप्शन मिलें।'
राघव चड्ढा कहते रहे है कि वह हमेशा आम आदमी के हित में सदन में आवाज उठाते हैं। उन्होंने सदन में कई मुद्दों पर अपनी राय रखी है और सरकार से अपील की है कि वह जनता के हित के बारे में सोचे। ऐसे में अब लोगों को उम्मीद है कि राघव चड्ढा एक बार फिर सदन में ट्रेन में मिलने वाले इस महंगे समोसे के बारे में अपनी राय रखेंगे। देखना होगा कि अब बीजेपी में आ चुके चड्ढा क्या रेल मुसाफिरों पर पड़ने जा रही महंगाई की मार के खिलाफ आवाज उठाएंगे। अगर उठाएंगे तो क्या सरकार राघव चड्ढा की बात सुनेगी और कीमतें कम करने पर विचार करेगी।