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क्या उद्धव ठाकरे और शरद पवार जैसा ममता बनर्जी का होगा हाल? 80 में से 50 विधायक छोड़ सकते हैं पार्टी

Trinamool Congress Crisis: पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज हो गई है। दो विधायकों के निष्कासन के बाद पार्टी टूटने और बड़ी संख्या में विधायकों के इस्तीफे की अटकलें लग रही हैं।

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बंगाल में टीएमसी के टूटने की अटकलें तेज (Photo-IANS)

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस इस समय सबसे बड़े संकट से गुजर रही है। पार्टी के अंदर काफी उथल-पुथल मची हुई है। कथित फर्जी हस्ताक्षर (साइन फोर्जरी) मामले में फंसे दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया है।

50 विधायक छोड़ सकते हैं पार्टी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 80 सीटों पर जीत हासिल की थी। संघवाद प्रतिदिन की रिपोर्ट के मुताबिक TMC के 50 विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं और पार्टी टूट सकती है। यह अटकलें भी चरम पर हैं। बंगाल की राजनीति में इस बात को लेकर खूब हलचल मची हुई है। हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

क्या नई पार्टी बनाएंगे विधायक?

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ऋतब्रत और संदीपन के नेतृत्व में एक नई तृणमूल बन सकती है। यदि बड़ी संख्या में विधायक पार्टी छोड़ते हैं तो तृणमूल कांग्रेस राज्य में विपक्ष का दर्जा भी खो सकती है।

पार्टी से निकाले जाने के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि वह TMC में कथित भ्रष्टाचार के बारे में सरकार को पत्र लिखेंगे। ऋतब्रत ने कहा कि उनके पास कई ऐसी जानकारियां हैं जिन्हें वह सार्वजनिक कर सकते हैं।

क्या शरद पवार और उद्धव ठाकरे जैसा होगा हाल

बता दें कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद पार्टी के बीच मची उथल-पुथल में पार्षद से लेकर कई बड़े नेता TMC से इस्तीफा दे रहे हैं। TMC सांसद काकोली घोष ने जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा कई पार्षदों ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वहीं अब दो विधायकों को निष्कासित करने के बाद विधानसभा में TMC विधायकों की संख्या 80 से घटकर 78 हो गई है। 

अब ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि महाराष्ट्र की तरह बंगाल में भी पार्टी विभाजन की स्थिति बन सकती है, जहां एनसीपी और शिवसेना में टूट के बाद क्रमशः शरद पवार और उद्धव ठाकरे को अपनी पार्टी और चुनाव चिह्न पर नियंत्रण खोना पड़ा।

ममता बनर्जी ने क्या कहा? 

इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित किया। उन्होंने बिना नाम लिए ऋतब्रत बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें टिकट देना पार्टी की गलती थी। ममता ने कहा कि वह हमारे पास आकर गिड़गिड़ाए थे। हमने उन्हें दो बार सांसद बनाया और दूसरे नेताओं का टिकट काटकर मौका दिया, लेकिन उन्होंने विश्वासघात किया।

ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेता रोज भाजपा नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और बीजेपी के इशारे पर पार्टी के लोगों को डराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एक सांसद भी इस गतिविधि में शामिल है और अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहा था।

तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि पार्टी में टिकट या पद किसी एक परिवार की जागीर नहीं हो सकते। उन्होंने जनता से ऐसे विश्वासघाती नेताओं को टिकट देने के लिए माफी भी मांगी और कहा कि पार्टी के सभी फैसले संगठन ही करेगा।