Karnataka Congress: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के बीच सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री आवास को लेकर विशेष समझौता हुआ है। सिद्धारमैया 2028 तक कावेरी बंगले में रहेंगे, जबकि नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दूसरे सरकारी आवास में शिफ्ट होंगे।
Karnataka Congress: कर्नाटक में लंबी राजनीतिक चर्चाओं के बाद आखिरकार सत्ता परिवर्तन हो गया है। राज्य के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले सिद्धारमैया पद छोडकर डीके शिवकुमार के लिए रास्ता बना रहे हैं। हालांकि इस बदलाव के बावजूद मुख्यमंत्री आवास कावेरी की परंपरागत व्यवस्था में बदलाव नहीं होगा। जानकारी के अनुसार सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच इस मुद्दे पर आपसी सहमति बन गई है। इसी समझौते के तहत सिद्धारमैया वर्ष 2028 तक आधिकारिक मुख्यमंत्री बंगले कावेरी में ही रहेंगे, जबकि नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार किसी अन्य सरकारी आवास में शिफ्ट होंगे।
कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने के साथ आमतौर पर आधिकारिक आवास भी बदल जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी कावेरी बंगले में अपना निवास बनाए रखेंगे। दूसरी ओर डीके शिवकुमार शुरुआत में अपने निजी आवास से ही कामकाज संभालेंगे। बाद में उन्हें किसी अन्य सरकारी बंगले में स्थानांतरित किया जाएगा। इस फैसले को कांग्रेस नेतृत्व के भीतर संतुलन बनाए रखने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे दोनों नेताओं के बीच तालमेल और शक्ति संतुलन का संदेश जाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद छोडने के बाद भी कोई नेता आधिकारिक बंगले में बना रहा हो। वर्ष 2021 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी लंबे समय तक सरकारी बंगले में निवास जारी रखा था। उस समय भी इस मुद्दे ने राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा बटोरी थी। अब सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच बनी यह नई व्यवस्था उसी तरह की राजनीतिक समझदारी का उदाहरण मानी जा रही है। कांग्रेस नेतृत्व इस बदलाव को शांतिपूर्ण और विवादमुक्त तरीके से पूरा करना चाहता है ताकि सरकार के भीतर किसी तरह की असहजता सामने न आए।
डीके शिवकुमार कल कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में आयोजित होगा। उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि समारोह को लो-की रखा जाएगा ताकि बेंगलुरु में ट्रैफिक अव्यवस्था न फैले। डीके शिवकुमार ने कहा कि 17 हजार से अधिक गाडियां पहले ही पार्टी कार्यकर्ताओं को राजधानी लाने के लिए बुक हो चुकी हैं। पुलिस अधिकारियों ने भी ट्रैफिक दबाव को लेकर चिंता जताई थी। इसी कारण समारोह को सीमित और व्यवस्थित रखने का फैसला लिया गया।