Annamalai Party Exit Rumors: तमिलनाडु BJP के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने दिल्ली में बीजेपी नेतृत्व से मुलाकात की। नई पार्टी बनाने की चर्चाओं के बीच उनके अगले राजनीतिक कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।
Annamalai Meeting with Nitin Nabin: तमिलनाडु बीजेपी (BJP)के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने मंगलवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात ने तमिलनाडु की राजनीति में चल रही उन चर्चाओं को और हवा दे दी है, जिनमें दावा किया जा रहा है कि अन्नामलाई जल्द ही बीजेपी से अलग होकर अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन कर सकते हैं।
पिछले कुछ दिनों से तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में अन्नामलाई के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, पार्टी नेतृत्व और अन्नामलाई के बीच पिछले कई महीनों से कुछ अहम मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। सोमवार को जब पत्रकारों ने उनसे उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने सीधे जवाब देने के बजाय कहा, कृपया थोड़ा इंतजार करें। हम दो दिनों में बैठकर इस पर चर्चा करेंगे।
अन्नामलाई के इस बयान के बाद राजनीतिक अटकलों को और बल मिला है। खासतौर पर उनके जन्मदिन 4 जून से पहले राज्यभर में लगाए गए पोस्टरों ने चर्चाओं को और तेज कर दिया है। कई पोस्टरों पर हमारे नेता, आइए और हमारा नेतृत्व कीजिए जैसे संदेश लिखे गए हैं, जिन्हें उनके समर्थकों की राजनीतिक अपेक्षाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने वर्ष 2020 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। इसके बाद 2021 से 2025 तक उन्होंने तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्यभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाए और खुद को बीजेपी के सबसे लोकप्रिय चेहरों में स्थापित किया। युवा मतदाताओं और सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत पकड़ ने उन्हें तमिलनाडु की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में पहचान दिलाई।
अन्नामलाई को लेकर चल रही चर्चाएं ऐसे समय में सामने आई हैं जब 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है।अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके (तमिलगा वेत्री कझगम) ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 108 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य की राजनीति में नया अध्याय लिख दिया। इस प्रदर्शन ने डीएमके और एआईएडीएमके के दशकों पुराने राजनीतिक वर्चस्व को चुनौती दी।