TMC Crisis: ममता बनर्जी को उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के गढ़ डायमंड हार्बर में बड़ा झटका लगा है। 9 पार्षदों के इस्तीफे के बाद नगर पालिका बोर्ड भंग कर दिया गया है।
Diamond Harbour Municipal Board Dissolved: बंगाल विधानसभा चुनाव में भारी हार झेलने के बाद ममता बनर्जी को उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के गढ़ में करारा झटका लगा है। रविवार को डायमंड हार्बर नगर पालिका बोर्ड को भंग कर दिया गया। पार्टी के 9 पार्षदों के इस्तीफा देने के बाद बोर्ड का प्रशासन सीधे सरकारी नियंत्रण में आ गया। डायमंड हार्बर के SDO अयान दत्तागुप्ता को प्रशासक बना दिया गया।
यह घटना इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि डायमंड हार्बर अभिषेक बनर्जी का संसदीय क्षेत्र है, जिसे TMC अपना मजबूत किला मानती रही है। पार्षदों ने इस्तीफे में वित्तीय अनियमितताओं, पुलिस उत्पीड़न और दबाव का आरोप लगाया है। चुनावी हार के बाद TMC में बढ़ती बगावत और असंतोष अब खुलकर सामने आ रहा है। अभिषेक बनर्जी के अपने क्षेत्र में यह फजीहत पार्टी के लिए चिंता का विषय बन गई है।
बता दें 16 वार्डों वाली इस नगर पालिका के 8 पार्षदों ने पहले ही 25 मई को ही अपना इस्तीफा दे दिया था, लेकिन रविवार को 9वें पार्षद के इस्तीफे के बाद बोर्ड को भंग कर दिया गया। पार्षदों का आरोप है कि नगर पालिका के अंदर पैसों की हेराफेरी हो रही थी और पुलिस उन्हें परेशान व डरा-धमका रही थी, इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, नगर पालिका के चेयरमैन प्रणब दास ने इन इस्तीफों को राज्य के शहरी विकास और नगर पालिका मामलों के विभाग के पास भेज दिया था। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए बोर्ड को भंग करने का सरकारी आदेश जारी कर दिया।
इस बीच बंगाल चुनाव के झटकों से तृणमूल कांग्रेस अभी उबर भी नहीं पाई थी कि ममता बनर्जी के सामने एक और बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। पार्टी को एकजुट रखना अब दीदी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। पहले पूर्व सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी का साथ छोड़ा, फिर अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हमले की खबरें आईं और अब विधायकों ने ही पार्टी आलाकमान को आंखें दिखा दी हैं।
ममता बनर्जी ने बीते कल अपने आवास पर विधायकों की मीटिंग बुलाई गई थी। लेकिन 80 में से 60 विधायक गायब थे, सिर्फ 20 ही मीटिंग में पहुंचे। इसके बाद खबरें सामने आई की मीटिंग को रद्द कर दिया गया है।