Cockroach Janata Party Protest: दिल्ली के जंतर मंतर पर भारी संख्या में कोकरोच जनता पार्टी के समर्थक पहुंच रहे है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भी इस प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है।
Cockroach Janata Party Protest: दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शिक्षा व्यवस्था से जुडे विवादों को लेकर बड़ा प्रदर्शन कर रही है। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से जुड़ा विवाद इस प्रदर्शन के केंद्र में है। प्रदर्शनकारी लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे है और मांगें पूरी न होने पर प्रदर्शन को और व्यापक करने की चेतावनी दे रहे है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके में यह प्रदर्शन हो रहा है और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए है। इस दौरान उनके हाथों में एक गुलाब का फूल भी देखने को मिला।
सोनम वांगचुक ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए इस आंदोलन को समर्थन देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सुधार नहीं हुए तो शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होगा। वांगचुक ने पोस्ट में लिखा कि किसी भी स्वाभिमानी मंत्री को परिस्थितियों में इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका मुद्दा केवल NEET या CBSE विवाद नहीं है, बल्कि पिछले चार दशकों से सरकारी स्कूलों में सुधार के प्रयासों के बावजूद बदलाव की रफ्तार भी चिंता का विषय है। उन्होंने शिक्षा को देश के भविष्य से जुडा क्षेत्र बताया।
प्रदर्शन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके कर रहे है। प्रदर्शनकारी धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और जय भीम जैसे नारे लगा रहे है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में गडबडियां आने के बावजूद जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि NEET पेपर लीक और CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे है। इन वीडियो में युवा सडकों पर उतर कर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करते दिखाई दे रहे है।
प्रदर्शन स्थल पर पहुंची मनोवैज्ञानिक सुगंधा ने कहा कि CJP आंदोलन लोगों की समस्याओं को सामने ला रहा है। उनके अनुसार परीक्षा विवादों के कारण छात्र मानसिक दबाव में जी रहे हैं और कई युवाओं ने आत्महत्या तक की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से निकलकर जमीन पर पहुंचे इस आंदोलन ने यह दिखाया है कि शिक्षा से जुडे मुद्दे अब जनचर्चा का हिस्सा बन चुके हैं। प्रदर्शन के दौरान भीड मौजूद रही और पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था रखी।