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Bhabanipur Election Result 2026: ममता की सीट पर पहली बार बीजेपी का कब्जा, मिले करीब तिगुने वोट

Bhabanipur Election Result 2026: भवानीपुर में कई ऐसे फैक्टर थे, जिनके चलते यह नहीं कहा जा सकता था कि सीएम लड़ रही हैं तो आसानी से जीत ही जाएंगी।

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भवानीपुर में ममता बनर्जी को हारने वाले BJP नेता सुवेंदु अधिकारी (Photo-IANS)

West Bengal Elctions Result 2026 में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) साफ हो गई है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 206 सीटों के साथ सत्ता में आ रही है। 2021 में 215 सीटें लाने वाली टीएमसी 2026 में 81 पर ही सिमट गई। सीएम ममता बनर्जी भी विधायक नहीं बन सकीं।

ममता बनर्जी को भवानीपुर में बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी ने हराया। बीजेपी को इस बार पिछली बार की तुलना में यहां करीब तीन गुना ज्यादा वोट मिले, जबकि ममता के करीब 27 हजार वोट कम हो गए।

2021 में भवानीपुर में कुल 1,18,580 वोट पड़े थे। ममता बनर्जी को 85,263 और बीजेपी उम्मीदवार (प्रियंका टिबरेवाल) को सिर्फ 26,428 वोट मिले थे। इस बार ममता को 26,916 वोट कम मिले, जबकि भाजपा को 47,035 वोट ज्यादा मिले। इस बार कुल डाले गए वोट पिछली बार से 20,833 ज्यादा थे।

भवानीपुर चुनाव नतीजा 2026: किसे कितने वोट मिले, इस टेबल में देखिए:

क्र.सं.उम्मीदवारपार्टीEVM वोटपोस्टल वोटकुल वोटवोट %
1सुवेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी73,46345473,91753.02
2ममता बनर्जीऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस58,34946358,81242.19
3प्रदीप प्रसादइंडियन नेशनल कांग्रेस1,243141,2570.9
4श्रीजीब विश्वासकम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी)3,513433,5562.55
5अनुमिता शॉसोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट)21722190.16
6मणिका मुखर्जीभारतीय न्याय-अधिकार रक्षा पार्टी703730.05
7मलय गुहा रॉयनिर्दलीय (Independent)671680.05
8मुमताज अलीनिर्दलीय (Independent)790790.06
9नारायण दासनिर्दलीय (Independent)831840.06
10सफर शेखनिर्दलीय (Independent)710710.05
11एसके सफी अहमदनिर्दलीय (Independent)14111420.1
12सुब्रत बोसनिर्दलीय (Independent)30513060.22
13नोटा (NOTA)इनमें से कोई नहीं817128290.59
कुल योग1,38,4189951,39,413

इन 5 कारणों से आसान नहीं था भवानीपुर का मुक़ाबला

ममता भवानीपुर से तीन बार विधायक बन चुकी हैं। फिर भी, इस सीट के नतीजे को लेकर जबर्दस्त रोमांच बना हुआ था। इसके कई कारण हैं:

1. सुवेंदु अधिकारी: भवानीपुर में ममता बनर्जी से लड़ रहे थे बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी। वह पिछली बार नंदीग्राम में सीएम बनर्जी को हरा चुके हैं। इसलिए इस बार उन पर और भवानीपुर सीट पर सब की नजर थी। इस बार भी वह नंदीग्राम से जीत चुके हैं।

2021 में ममता नंदीग्राम गई थीं एक तरह से सुवेंदु अधिकारी को सबक सिखाने के मकसद से। अधिकारी नंदीग्राम में टीएमसी के दिग्गज नेता थे, लेकिन पाला बदल कर बीजेपी से चुनाव लड़ रहे थे। ममता उन्हें उनके गढ़ में हरा कर उनकी 'हैसियत' बताना चाहती थीं, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। तब ममता भवानीपुर लौटीं।

2. भारी मतदान: भवानीपुर में पहले 67 फीसदी से ज्यादा मतदान कभी नहीं हुआ, लेकिन इस बार आंकड़ा 86 पार है। वैसे तो पूरे राज्य में ही इस बार रिकॉर्ड मतदान हुआ है, लेकिन भवानीपुर में पिछली बार की तुलना में करीब 25 फीसदी ज्यादा मतदान दर्ज हुआ है। यह ममता बनर्जी के समर्थन में है या खिलाफ, या फिर एसआईआर का असर? इस पर निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता था।

इसलिए भी नहीं, क्योंकि भवानीपुर में गैर बंगाली मतदाताओं की भी अच्छी-ख़ासी संख्या है। इनमें सिख, गुजराती, मारवाड़ी, मराठी, बिहारी आदि शामिल हैं। कई जानकार मानते हैं कि शायद इसी वजह से पिछली बार ममता बनर्जी नंदीग्राम से लड़ी थीं। उन्हें शक था कि कहीं इनके वोट बीजेपी को नहीं चले जाएं।

ममता तीन बार भवानीपुर से विधायक बन चुकी हैं, लेकिन दो बार (2011, 2021) उपचुनाव जीत कर बनी हैं।

3. पहली बार दिग्गजों का मुक़ाबला: 2026 में भवानीपुर में जिस तरह दो दमदार उम्मीदवारों का मुकाबला हुआ, वैसा पहले नहीं हुआ। इस बार ममता भवानीपुर से लड़ीं तो भाजपा ने भी अधिकारी को भवानीपुर भेज दिया। 2021 में बीजेपी को भवानीपुर में 44,786 (35.16 प्रतिशत) वोट मिले थे। लेकिन, उपचुनाव में ममता बनर्जी के खिलाफ बीजेपी की प्रियंका टिबेरवाल को 26,428 (22.29 प्रतिशत) वोट ही मिले। ऐसे में बीजेपी को अपने मजबूत उम्मीदवार, आक्रामक प्रचार, मोदी फैक्टर और गैर बंगाली मतदाताओं की बड़ी संख्या से उम्मीदें थीं। लेकिन, पिछले नतीजों को देखते हुए इस बार के नतीजे में भी रोमांच भर गया था। वैसे, इस सीट से हर बार जीत टीएमसी की ही हुई थी। भाजपा ने पहली बार इस सीट पर कब्जा किया है।

बंगाल में कब, कैसे बदली सत्ता, देखिए

चुनाव वर्षपहला दल (सीटें)दूसरा दल (सीटें)तीसरा दल (सीटें)चौथा दल (सीटें)अन्यकुल सीटें
1952🔵 INC (150)🔴 CPI (28)🟠 KMPP (15)🟤 AIFB (11)34238
1957🔵 INC (152)🔴 CPI (46)💗 PSP (21)🔵 AIFB (8)25252
1962🔵 INC (157)🔴 CPI (50)🟤 AIFB (13)🔵 RSP (9)23252
1967🔵 INC (127)🔴 CPI(M) (43)🔵 BC (34)🔴 CPI (16)60280
1969🔴 CPI(M) (80)🔵 INC (55)🔵 BC (33)🔴 CPI (30)82280
1971🔴 CPI(M) (113)🟢 INC(R) (105)🔴 CPI (13)🔵 SUCI (7)56280
1972🟢 INC(R) (216)🔴 CPI (35)🔴 CPI(M) (14)🔵 RSP (3)26280
1977🔴 CPI(M) (178)🔵 JP (29)🔵 AIFB (25)🟢 INC(R) (20)42294
1982🔴 CPI(M) (174)🟢 INC(I) (49)🔵 AIFB (28)🔵 RSP (19)24294
1987🔴 CPI(M) (187)🟢 INC(I) (40)🔵 AIFB (26)🔵 RSP (18)23294
1991🔴 CPI(M) (182)🔵 INC (43)🔵 AIFB (29)🔵 RSP (18)22294
1996🔴 CPI(M) (153)🔵 INC (82)🔵 AIFB (21)🔵 RSP (18)20294
2001🔴 CPI(M) (143)🟢 AITC (60)🟢 INC (26)🟤 AIFB (25)40294
2006🔴 CPI(M) (176)🟢 AITC (30)🔵 AIFB (23)🔵 INC (21)44294
2011🟢 AITC (184)🔵 INC (42)🔴 CPI(M) (40)🟤 AIFB (11)17294
2016🔵 AITC (211)🔵 INC (44)🔴 CPI(M) (26)🟠 BJP (3)10294
2021🟢 AITC (215)🟠 BJP (77)🔵 ISF (1)🟢 GJM (1)0294
2026🟠 BJP (207)🟢 AITC (80)🔵 INC (2)🔵 AJUP (2)🔴 CPI(M) (1)293

4. एसआईआर के बाद का पहला चुनाव: चुनाव आयोग के एसआईआर के बाद भवानीपुर के करीब 25 फीसदी मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर हो चुके हैं। बाहर हुए मतदाताओं में से करीब 23 फीसदी मुस्लिम हैं। इनकी संख्या 11700 से ज्यादा है। मुस्लिम टीएमसी के वोटर माने जाते हैं, लेकिन इसका अंतिम नुकसान ममता बनर्जी को होगा, ऐसा निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता, क्योंकि इस बार पिछली बार की तुलना में करीब 15 हजार वोट ज्यादा पड़े हैं। तो एसआईआर का क्या असर हुआ, यह देखने के लिहाज से भी भवानीपुर पर नजर बनी हुई थी।

भवानीपुर विधान सभा सीट नतीजे: टीएमसी को कब, कितने वोट मिले

चुनाव वर्ष (Year)विजेता/रनर अप (Position)उम्मीदवार (Candidate)पार्टी (Party)वोट मिले (Votes)उम्र (Age)कुल वैध वोट डले (Valid Votes)वोटर लिस्ट में मतदाता (Electors)मतदान प्रतिशत (Turnout %)वोट शेयर (Vote Share)
20211शोभनदेव चट्टोपाध्यायAITC73,505771,27,3762,07,58861.3657.71
20212रुद्रनील घोषBJP44,786471,27,3762,07,58861.3635.16
2021 (उप चुनाव)1ममता बनर्जीAITC85,263661,18,5802,06,52757.4271.9
2021 (उप चुनाव)2प्रियंका टिबरेवालBJP26,428411,18,5802,06,52757.4222.29
20161ममता बनर्जीAITC65,520611,37,4552,05,71366.8247.67
20162दीपा दासमुंशीINC40,219551,37,4552,05,71366.8229.26
20111सुब्रत बख्शीAITC87,903601,35,7162,12,82163.7764.77
20112नारायण प्रसाद जैनCPM37,967531,35,7162,12,82163.7727.98

ममता बनर्जी से जुड़े पांच किस्से

ममता कॉलेज के जमाने से राजनीति में हैं। एक बार वह कोलकाता में सीएम के दफ्तर गईं तो उन्हें वहां से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद वह सीएम हाउस तभी गईं जब खुद मुख्यमंत्री बन गईं। उनके जीवन से जुड़े कुछ और किस्से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।