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शुभेन्दु सरकार ने लिया बड़ा फैसला, पश्चिम बंगाल में जल्द लागू होगी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना

पश्चिम बंगाल में अब तक आयुषमान भारत योजना लागू नहीं थी। बीजेपी की सरकार आने के बाद सीएम शुभेन्दु ने इसे लागू करने का फैसला लिया है। जल्द ही इसे लेकर राज्य व केंद्र सरकार के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर होगा। पढ़ें पूरी खबर...

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CM शुभेन्दु अधिकारी (X)

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद केंद्र की कई योजनाओं को राज्य सरकार लागू करने जा रही है। इसी कड़ी में सीएम शुभेन्दु अधिकारी के नेतृत्व में सरकार ने 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' को राज्य में लागू करने को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में इस योजना को लागू करने के लिए नई दिल्ली के विज्ञान भवन में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

यह समझौता भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत 'नेशनल हेल्थ अथॉरिटी' (NHA) और पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के बीच होगा। इस MoU पर हस्ताक्षर के साथ ही, पश्चिम बंगाल देश का 36वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बन जाएगा जो AB PM-JAY को लागू करेगा।

क्या कहा गया है प्रेस विज्ञप्ति में ?

इस प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि देश भर के सभी नागरिकों के लिए समान और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। MoU पर हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा करेंगे। इस मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी, राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री (आयुष मंत्रालय) प्रताप राव जाधव, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी व पश्चिम बंगाल सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

हर साल 5 लाख रुपए का बीमा कवर

आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई योजना पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है। इस कवर में सेकेंडरी और टर्शियरी केयर के लिए अस्पताल में भर्ती होने का खर्च शामिल है। लॉन्च होने के बाद से यह योजना देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली प्रमुख पहल बन गई है।

इसने आम लोगों के जेब से होने वाले चिकित्सा खर्च को काफी हद तक कम किया है और सरकारी व निजी अस्पतालों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण इलाज तक आसान पहुंच सुनिश्चित की है।पश्चिम बंगाल में इस योजना के लागू होने से राज्य के लाखों पात्र परिवारों को महंगे इलाज के बोझ से वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। साथ ही वे पूरे देश में कहीं भी कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। इससे राज्य में सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत होगी।