Arvind Kejriwal: प्रयागराज में पेपर लीक पर छात्रों से चर्चा रोकने के आरोप के बाद आम आदमी पार्टी और बीजेपी आमने-सामने आ गई हैं। अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह ने सरकार पर लोकतंत्र दबाने का आरोप लगाया। आप संयोजक ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
NEET Paper Leak विवाद और छात्रों के मुद्दे पर राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर बीजेपी सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या को रोकने के बजाय उस पर होने वाली चर्चा को दबाने में लगी हुई है। सोशल मीडिया साइट 'X' पर पोस्ट करके उन्होंने लिखा कि बीजेपी को पेपर लीक से दिक्कत नहीं है। पेपर लीक पर चर्चा होने से दिक्कत है।
दरअसल, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी एक पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने दावा किया कि प्रयागराज में छात्रों के साथ पेपर लीक मामले पर उनकी बातचीत को उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बाधित करने की कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जिसके बाद मामला और गरमा गया। उसके बाद ही अरविंद केजरीवाल ने संजय सिंह की पोस्ट को शेयर करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि बीजेपी को पेपर लीक से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जब लोग इस मुद्दे पर सवाल उठाते हैं या चर्चा करते हैं, तब सरकार परेशान हो जाती है। केजरीवाल का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात होनी चाहिए, न कि उसे रोका जाना चाहिए।
वहीं संजय सिंह ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में हालात ऐसे हो गए हैं कि बंद कमरे में छात्रों के भविष्य पर चर्चा करने की भी अनुमति नहीं दी जा रही। उनके मुताबिक, 'तानाशाही अपने चरम पर पहुंच चुकी है।' उन्होंने मोदी और योगी सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वीडियो में संजय सिंह अधिकारियों से सवाल करते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई सार्वजनिक कार्यक्रम होता तो अनुमति की बात समझ आती, लेकिन एक कॉन्फ्रेंस रूम में छात्रों से बातचीत करने में क्या दिक्कत है। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक का असर लाखों छात्रों पर पड़ता है और इस पर चर्चा करना लोकतंत्र में गलत कैसे हो सकता है।