Arvind Kejriwal: पंजाब नगर निकाय चुनाव 2026 में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 900 से ज्यादा वार्डों में जीत हासिल की। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने इसे भगवंत मान सरकार के कामों पर जनता की मुहर बताया। कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही, जबकि भाजपा और अकाली दल को बड़ा झटका लगा है।
Aam Aadmi Party: पंजाब नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने आम आदमी पार्टी में फिर से जोश भरने का काम किया है। घोषित परिणामों में आप ने सबसे ज्यादा वार्ड जीतकर बाकी दलों को काफी पीछे छोड़ दिया। 23 जिलों के 102 शहरी निकायों के लिए हुए चुनाव में पार्टी ने 903 वार्डों पर जीत हासिल की है। वहीं कांग्रेस 362 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। इसके अलावा 247 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। शिरोमणि अकाली दल को 183 और भाजपा को 162 वार्डों में सफलता मिली। बहुजन समाज पार्टी केवल 7 वार्डों तक सीमित रही। इन नतीजों के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं में उत्साह साफ दिखाई दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर जश्न मनाया, ढोल-नगाड़े बजे और मिठाइयां बांटी गईं।
चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की जनता का आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया। केजरीवाल ने कहा कि शहरी इलाकों में मिली यह जीत जनता के भरोसे की जीत है। साथ ही उन्होंने कहा कि लोगों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के कामकाज पर मुहर लगाई है। केजरीवाल ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और आम लोगों को एजेंसियों के जरिए परेशान किया गया, लेकिन जनता ने वोट के माध्यम से उसका जवाब दे दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'ED पार्टी' को पंजाब में लोगों ने नकार दिया है। केजरीवाल ने कहा कि राज्य की जनता विकास और काम की राजनीति चाहती है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भी जीत के बाद काफी उत्साहित नजर आए। चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में जश्न के दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने साफ संदेश दिया है कि वे भगवंत मान सरकार के काम से संतुष्ट हैं। सिसोदिया ने दावा किया कि सरकार ने गांवों के साथ-साथ शहरों में भी विकास के कई काम किए हैं और जनता ने उसी पर भरोसा जताया है। उन्होंने भी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब की जनता ने बता दिया है कि डर और दबाव की राजनीति यहां ज्यादा दिन नहीं चल सकती। उनके मुताबिक यह नतीजे सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि लोगों के भरोसे का संकेत हैं।
आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही आम आदमी पार्टी को सबसे बड़ा झटका लगा था। पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। जिसमें राघव चड्ढा सहित कई नेता शामिल थे। राघव चड्ढा,संदीप पाठक,अशोक मित्तल,हरभजन सिंह,स्वाति मालीवाल,विक्रमजीत सिंह साहनी, राजेंद्र गुप्ता ने एक साथ बीजेपी ज्वाइन कर ली थी।