Kerala: केरल में 2009 बैच के आईएएस अधिकारी ए. कौसिगन को नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने रतन यू. केलकर की जगह ली है। कौसिगन पहले कई अहम प्रशासनिक पद संभाल चुके हैं। अब वे राज्य में मतदाता सूची अपडेट करने और चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी निभाएंगे।
Kerala New Chief Electoral Officer: केरल से बड़ी अपडेट सामने आई है। केरल में चुनावी व्यवस्था की कमान अब वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ए. कौसिगन को सौंप दी गई है। 2009 बैच के केरल कैडर के अधिकारी कौसिगन को राज्य का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राज्य में आगामी चुनावों और मतदाता सूची से जुड़े कई अहम काम सामने हैं। कौसिगन ने रतन यू. केलकर की जगह ली है। केलकर अब मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के सचिव के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। आपको बता दें कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी का पद सीधे चुनावी तैयारियों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा होता है।
ए. कौसिगन इससे पहले कई अहम विभागों में काम कर चुके हैं। उन्होंने पोर्ट्स विभाग में सचिव, लैंड रेवेन्यू कमिश्नर, डिजास्टर मैनेजमेंट कमिश्नर और पशुपालन विभाग के निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई है। प्रशासनिक अनुभव और विभिन्न विभागों में काम करने की वजह से उन्हें एक अनुभवी अधिकारी माना जाता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के तौर पर उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी राज्य की मतदाता सूची को लगातार अपडेट रखना होगी। इसके अलावा विधानसभा और लोकसभा चुनावों के साथ-साथ उपचुनावों की निगरानी भी उनके दायरे में आएगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले समय में मतदाता सूची के डिजिटलीकरण, नए वोटरों के रजिस्ट्रेशन और चुनावी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकता है। केरल जैसे राजनीतिक रूप से सक्रिय राज्य में यह जिम्मेदारी काफी अहम मानी जाती है।
आपको बता दें कि कुछ ही दिनों पहले रतन यू. केलकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद से मुक्त होकर मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था। जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था। बीजेपी ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सचिव बनाना कांग्रेस की 'अवसरवादी राजनीति' को दिखाता है। दरअसल, कांग्रेस ने बंगाल में इसका विरोध किया था, जब बंगाल सरकार ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सीएम का सचिव बनाया था। भाजपा पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी से भी इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की थी। उनका कहना था कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े इतने महत्वपूर्ण पद पर रहे अधिकारी को अचानक मुख्यमंत्री कार्यालय में लाना कई तरह के सवाल खड़े करता है।