मुंबई के आरे कॉलोनी में स्थित दशकों पुरानी 'बरकत अली शाह बाबा दरगाह' को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई भारी पुलिस सुरक्षा के बीच की गई।
मुंबई के गोरेगांव पूर्व स्थित आरे कॉलोनी के दशकों पुराने बरकत अली शाह बाबा दरगाह (Barkat Ali Shah Baba Dargah) को मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के अनुसार, दरगाह प्रबंधन संरचना की वैधता साबित करने वाले आवश्यक दस्तावेज पेश करने में विफल रहा, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
दरगाह आरे पुलिस स्टेशन से करीब 400 मीटर की दूरी पर स्थित थी। मंगलवार सुबह बुलडोजर और क्रेन के साथ नगर निगम का तोड़क दस्ता मौके पर पहुंचा और पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मुंबई पुलिस के अलावा दंगा नियंत्रण बल को भी तैनात किया गया था।
जानकारी के अनुसार, इस दरगाह को वर्ष 2017 में भी हटाया गया था, लेकिन बाद में इसे फिर से बना लिया गया। पिछले कुछ वर्षों से यह संरचना क्षेत्र में विवाद का कारण भी बना था।
इस मामले ने तब और तूल पकड़ा जब भाजपा नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने इसी साल 9 अप्रैल को स्थल का दौरा कर अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी। उनका आरोप था कि दरगाह महाराष्ट्र सरकार के डेयरी विकास विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई है।
आज कार्रवाई के बाद उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्होंने 9 अप्रैल को दरगाह के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी और अब अवैध संरचना को हटाया गया है। उन्होंने इसके लैंड जिहाद होने का दावा भी किया।
नगर निगम ने पहले दरगाह प्रबंधन को नोटिस जारी कर संरचना की वैधता साबित करने के लिए दस्तावेज पेश करने को कहा था। हालांकि निर्धारित समयसीमा के भीतर कोई वैध दस्तावेज नहीं दिए जाने के बाद आज कार्रवाई की गई।
बता दें कि हाल ही में बांद्रा स्टेशन के पास गरीब नगर इलाके में धार्मिक संरचना हटाने के दौरान हुए पथराव की घटना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। इसी कारण बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। हालांकि आरे कॉलोनी में चलाए गए अभियान के दौरान कोई विरोध प्रदर्शन या हिंसक घटना सामने नहीं आई और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई।
पिछले सप्ताह ही बीएमसी ने मुंबई के दिंडोशी इलाके में एक अवैध मंदिर पर बुलडोजर चलाया था। महानगरपालिका ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी जमीनों पर बने अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।