महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव से पहले महाविकास आघाड़ी (MVA) ने सीट बंटवारे का फॉर्मूला फाइनल कर लिया है। इसमें कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है और उसे 17 में से 8 सीटें मिली हैं।
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों से विधान परिषद की 17 सीट पर होने वाले चुनाव में विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (MVA) सत्तारूढ़ महायुति से एक कदम आगे निकलता दिख रहा है। महायुति में शामिल भाजपा, शिवसेना शिंदे गुट और एनसीपी सुनेत्रा पवार गुट आपसी समन्वय के साथ इस चुनाव को लड़ने की कोशिश में है, लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर तीनों दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। इस समय पुणे, रायगढ़ और रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों को लेकर महायुति के भीतर खींचतान चल रही है। दूसरी ओर एमवीए में शामिल कांग्रेस, शिवसेना उद्धव गुट और एनसीपी शरद पवार गुट ने सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय कर लिया है।
महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों पर 18 जून को होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और एनसीपी (शरद पवार) के बीच सभी सीटों पर सहमति बन गई है। इस समझौते में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है और उसे 17 में से 8 सीटें मिली हैं।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि महाविकास आघाड़ी के तीनों सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर पूर्ण सहमति बन चुकी है और अब उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की प्रक्रिया शुरू होगी।
सीट बंटवारे के तहत कांग्रेस चंद्रपुर, यवतमाल, भंडारा, अमरावती, अहिल्यानगर, सोलापुर, धाराशिव और नागपुर (उपचुनाव) सीट पर चुनाव लड़ेगी। इन सीटों पर कांग्रेस संगठन को मजबूत माना जाता है और पार्टी इन्हें जीतकर विधान परिषद में अपनी ताकत बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को छह सीटें मिली हैं। पार्टी रायगढ़, जलगांव, परभणी-हिंगोली, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़ और नासिक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। उद्धव गुट इन क्षेत्रों में अपनी पारंपरिक पकड़ और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में मौजूद जनाधार के आधार पर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
वरिष्ठ नेता शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) को तीन सीटें मिली हैं। पार्टी पुणे, ठाणे और सांगली-सातारा एमएलसी सीट पर चुनाव लड़ेगी।
खास तौर पर पुणे सीट को लेकर लंबे समय से राजनीतिक हलकों में चर्चा चल रही थी। अब इस सीट का एनसीपी शरद गुट के खाते में जाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल पवार परिवार का गढ़ बारामती भी पुणे जिले में पड़ता है।
जहां महाविकास आघाड़ी ने अपना सीट बंटवारा तय कर लिया है, वहीं सत्तारूढ़ महायुति में अब भी अंतिम सहमति का इंतजार है। भाजपा, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और सुनेत्रा पवार नीत एनसीपी के बीच बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, महायुति में 17 में से 16 सीटों पर लगभग सहमति बन चुकी है, लेकिन छत्रपति संभाजीनगर-जालना सीट को लेकर अभी भी पेच फंसा हुआ है। जानकारी के अनुसार, भाजपा 10 से 11 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) को चार और एनसीपी को दो सीटें मिलने की संभावना है।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 1 जून नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। 2 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 4 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को होगा और मतगणना 22 जून को की जाएगी। यह चुनाव स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। मौजूदा विधान परिषद सदस्यों का छह वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के कारण इन सीटों पर चुनाव कराए जा रहे हैं।