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CM फडणवीस के लिए खरीदी जाएगी नई बुलेटप्रूफ कार, नीलाम होंगी महाराष्ट्र सदन की पुरानी सरकारी गाड़ियां

Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार ने नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन के बेड़े में बदलाव करने का निर्णय लिया है। सुरक्षा और कार्यक्षमता को देखते हुए पुरानी गाड़ियों को हटाकर अब नई आधुनिक गाड़ियां शामिल की जाएंगी।

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महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री देवेंद्र फडणवीस (Photo - ANI)

Maharashtra News: महाराष्ट्र शासन ने नई दिल्ली स्थित 'महाराष्ट्र सदन' की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था में बड़े बदलाव को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से उपयोग में लाए जा रहे पुराने वाहनों को सेवामुक्त करने का फैसला लेते हुए, सरकार ने उनके स्थान पर नए और आधुनिक वाहन खरीदने का आदेश जारी किया है। इस बेड़े में सबसे जरूरी मुख्यमंत्री के लिए आरक्षित होने वाली नई बुलेटप्रूफ गाड़ी होगी। यह कदम सुरक्षा एजेंसियों के सुझावों और वर्तमान प्रोटोकॉल की जरूरतों को देखते हुए उठाया गया है।

पुरानी गाड़ियों की नीलामी

शासन के जारी निर्णय के अनुसार, वर्तमान में महाराष्ट्र सदन के निवास आयुक्त और सचिव कार्यालय के अधीन उपयोग की जा रही तीन गाड़ियों को नीलाम किया जाएगा। इनमें एक पुरानी बुलेटप्रूफ गाड़ी और दो सामान्य वाहन शामिल हैं। इन वाहनों की नीलामी सरकारी परिवहन सेवा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की जाएगी। नई गाड़ियों की खरीद के लिए शासन ने सख्त वित्तीय शर्तें रखी हैं। यह पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार की निर्धारित वाहन मूल्य सीमा नीति और वित्त विभाग के नियमों के अधीन होगी। इसके लिए बजट संबंधित लेखाशीर्ष से आवंटित कर दिया गया है, ताकि खरीद प्रक्रिया में कोई वित्तीय बाधा न आए।

मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम

सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री और राज्यपाल के आवागमन के लिए बुलेटप्रूफ वाहनों का उपयोग अनिवार्य होता है। चूंकि दिल्ली दौरे के समय मुख्यमंत्री महाराष्ट्र सदन के वाहनों का उपयोग करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक खास बुलेटप्रूफ वाहन की खरीद को हरी झंडी दी गई है। सरकार ने साफ किया है कि गाड़ी को बुलेटप्रूफ बनाने का खर्च भी सरकारी मद से ही वहन किया जाएगा।

जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वर्तमान गाड़ियां तकनीकी रूप से पुरानी हो चुकी थीं, जिससे वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा जोखिम और असहजता की स्थिति बन सकती थी। पिछले दिनों हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाई गई थी। मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित विभाग जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया में देश की चुनिंदा विशेषज्ञ कंपनियां हिस्सा लेंगी। नई गाड़ियों के आने से न केवल सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होगी, बल्कि दिल्ली में महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक कामकाज में भी सुगमता आएगी।