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धर्मेंद्र यादव की पूर्व पत्नी मोनिका यादव ने की भाजपा नेता गौरव चौधरी से शादी

UP Politics BJP Leader : मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव से हिमाचल प्रदेश में शादी कर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में नई चर्चाएं तेज कर दी हैं।

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Gaurav Chaudhary and Monica Yadav Marriage: मेरठ से फर्रुखाबाद तक गूंज रही इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक रिश्ते की चर्चा (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Political Marriage Gaurav Chaudhary and Monica Yadav : उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक ऐसी शादी की चर्चा जोरों पर है, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है। मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा नेता गौरव चौधरी ने फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव के साथ हिमाचल प्रदेश में विवाह कर लिया है। यह शादी सिर्फ दो नेताओं का निजी रिश्ता नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों और चर्चाओं को भी जन्म दे रही है। खास बात यह है कि मोनिका यादव समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई और सांसद धर्मेंद्र यादव की पूर्व पत्नी रह चुकी हैं। ऐसे में इस विवाह ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

हिमाचल की वादियों में हुई सादगी भरी शादी

सूत्रों के अनुसार गौरव चौधरी और मोनिका यादव ने हिमाचल प्रदेश में बेहद निजी और सादगीपूर्ण समारोह में शादी की। इस समारोह में दोनों परिवारों के करीबी लोग और कुछ खास मित्र ही शामिल हुए। शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने दोनों को शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया। वहीं राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच भी इस रिश्ते को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच पिछले काफी समय से करीबी संबंध थे और धीरे-धीरे यह रिश्ता विवाह तक पहुंच गया। हालांकि दोनों की ओर से अभी तक सार्वजनिक रूप से ज्यादा बयान नहीं दिए गए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह शादी चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है।

कौन हैं गौरव चौधरी

मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी का नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में तेजी से उभरता हुआ चेहरा माना जाता है। गौरव चौधरी पहले जर्मनी में कारोबार करते थे। कई वर्षों तक विदेश में रहने के बाद उन्होंने भारत लौटकर राजनीति में कदम रखा। करीब पांच साल पहले उन्होंने भाजपा के साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया और देखते ही देखते मेरठ की राजनीति में मजबूत पकड़ बना ली।

भाजपा ने उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाया और उन्होंने शानदार जीत दर्ज की। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक गौरव चौधरी की साफ-सुथरी छवि और संगठन में सक्रियता ने उन्हें कम समय में लोकप्रिय बना दिया। उनकी पहली पत्नी जर्मनी से थीं, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद अब उन्होंने मोनिका यादव से विवाह किया है।

मोनिका यादव का राजनीतिक सफर

मोनिका यादव भी उत्तर प्रदेश की राजनीति का चर्चित चेहरा हैं। फर्रुखाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। शुरुआत में वह समाजवादी पार्टी से जुड़ी हुई थीं और यादव परिवार के करीबी राजनीतिक दायरे का हिस्सा मानी जाती थीं। उनकी शादी सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई और सांसद धर्मेंद्र यादव से हुई थी।

हालांकि समय के साथ दोनों के रिश्तों में दूरियां बढ़ीं और बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद मोनिका यादव ने राजनीति में अपना अलग रास्ता चुना। वर्ष 2021 में उन्होंने समाजवादी पार्टी से बगावत करते हुए भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने फर्रुखाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीता और अपनी मजबूत राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई।

भाजपा में बढ़ता प्रभाव

भाजपा में शामिल होने के बाद मोनिका यादव लगातार सक्रिय रहीं। पार्टी संगठन में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाने लगा। राजनीतिक सूत्रों  का मानना है कि यादव परिवार से जुड़ी होने के बावजूद भाजपा में उनकी मजबूत स्वीकार्यता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। अब गौरव चौधरी से शादी के बाद उनका राजनीतिक प्रभाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

उनका कहना है कि यह विवाह भाजपा के भीतर भी एक मजबूत राजनीतिक जोड़ी के रूप में देखा जा सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य यूपी की राजनीति में दोनों नेताओं का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में माना जाता है। ऐसे में आने वाले समय में यह जोड़ी भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से भी अहम साबित हो सकती है।

राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई चर्चाएं

इस शादी के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों खेमों में इस रिश्ते को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे पूरी तरह निजी फैसला बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से भी जोड़कर देख रहे हैं।

सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इस रिश्ते को राजनीति और निजी जीवन के अनोखे मेल के रूप में देख रहे हैं। खासकर इसलिए भी क्योंकि मोनिका यादव का संबंध पहले समाजवादी परिवार से रहा है और अब वह भाजपा की सक्रिय नेता हैं।

निजी जीवन और राजनीति का संगम

भारतीय राजनीति में कई बार निजी रिश्ते राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन जाते हैं। गौरव चौधरी और मोनिका यादव की शादी भी कुछ इसी तरह चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि दोनों नेताओं ने अपने निजी जीवन को गरिमा के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की है, लेकिन उनके राजनीतिक कद की वजह से यह रिश्ता सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गया। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आज के दौर में नेताओं का निजी जीवन भी जनता की दिलचस्पी का विषय बन चुका है। ऐसे में इस तरह की हाई-प्रोफाइल शादियां स्वाभाविक रूप से सुर्खियों में आ जाती हैं।