Madhubani drowning incident: बिहार के मधुबनी जिले में भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए एक ही परिवार के बच्चे पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में नहाने उतरे थे। गहराई का अंदाजा न होने के कारण सभी मासूम एक-एक कर डूबने लगे। इस हादसे में एक ही 5 भाई-बहनों की मौत हो गई।
Madhubani drowning incident:बिहार के मधुबनी जिला के केरवार में बुधवार को एक ही परिवार के पांच बच्चों की मौत हो गई। ये बच्चे भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में नहाने गए थे, जहां डूबने से उनकी जान चली गई। मरने वालों में तीन छोटी लड़कियां और दो लड़के शामिल हैं, जो आपस में चचेरे भाई-बहन थे। इस हादसे ने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया है।
बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी के चलते केरवार गांव के कुछ बच्चे दोपहर के समय पास के ही एक बगीचे में खेल रहे थे। खेलते-खेलते बच्चों ने गर्मी से राहत पाने के लिए पास में ही मौजूद, पानी से भरे एक बड़े गड्ढे में डुबकी लगाने का फैसला किया। बच्चे बिना किसी डर के नहाने के लिए गड्ढे में उतर गए। बच्चों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि पानी कितना गहरा है और एक-एक कर पांच बच्चे डूब गए।
घटना के समय, दो बच्चे गड्ढे के बाहर बैठे थे और पानी में नहीं उतरे थे। जैसे ही उन्होंने अपने भाई-बहनों को पानी में डूबते हुए देखा वे जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगे। बच्चों की चीखें सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने के लिए पानी में कूद पड़े। ग्रामीण किसी तरह सभी पांचों बच्चों को पानी से बाहर निकालने में सफल रहे। हालांकि, उनमें से तीन की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी। बाकी बचे दो बच्चों को ग्रामीणों ने तुरंत बेनीपट्टी अनुमंडलीय अस्पताल पपहुंचाया। दुख की बात है कि आस्पताल में जांच के बाद, डॉक्टरों ने उन दोनों को भी मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में जिन बच्चों की जान गई, सभी एक ही संयुक्त परिवार के थे। मृतकों की पहचान ललित पंडित की 10 वर्षीय बेटी सलोनी कुमारी, छोटे पंडित के 14 वर्षीय बेटे अभिषेक कुमार, दिनेश पंडित का 12 वर्षीय बेटा प्रशांत कुमार और 10 वर्षीय बेटी रिंकू कुमारी, नुनू पंडित की 9 वर्षीय बेटी स्नेहा कुमारी के रूप में हुई है।
मृत बच्चों के दादा राम विनोद पंडित ने रोते-बिलखते हुए बताया कि लगभग तीन साल पहले लीला झा नाम के एक व्यक्ति ने जमीन की खुदाई के काम के लिए एक ठेकेदार को नियुक्त किया था। उस समय ठेकेदार ने JCB मशीन का इस्तेमाल करके अवैध रूप से इतनी गहराई तक मिट्टी की खुदाई कर दी थी कि वहां एक बड़ा और गहरा तालाब जैसा गड्ढा बन गया था। काम पूरा होने के बाद ठेकेदार ने न तो उस गड्ढे को समतल करने की जहमत उठाई और न ही उसके चारों ओर कोई सुरक्षा घेरा बनवाया। इस वजह से गड्ढा हमेशा बारिश और बाढ़ के पानी से भरा रहता था।
इस घटना की खबर मिलते ही बेनीपट्टी के SDM सारंग पानी पांडे, SDPO अमित कुमार, BDO बसंत कुमार सिंह और पतौना के थाना प्रभारी अनुराग कुमार अपनी टीमों के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सरकारी प्रावधानों के अनुसार पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा जल्द से जल्द वितरित किया जाएगा।