UP Teacher Transfer 2026: उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की जिले बदलने की प्रक्रिया को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। इस बार केवल चुनिंदा संवेदनशील और विशेष परिस्थितियों वाले मामलों को ही प्राथमिकता मिलने की संभावना है। जनगणना कार्य के मद्देनजर शासन ने स्थानांतरण प्रक्रिया को सीमित रखते हुए पात्रता मानकों को स्पष्ट किया है।
UP Teacher Transfer 2026: उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के एक जिले से दूसरे जिले में होने वाले तबादलों को लेकर सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शैक्षिक सत्र 2026-27 में सामान्य स्थानांतरण सीमित रहेंगे। केवल विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों के आवेदन पर विचार किया जाएगा। जनगणना कार्य में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।
UP Teacher Transfer 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। शासन के अनुसार चालू शैक्षिक सत्र 2026-27 में सामान्य तौर पर बड़े पैमाने पर तबादले नहीं किए जाएंगे। केवल उन शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। जो विशेष मानवीय या चिकित्सीय परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश में बताया गया है। कि केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारियों के स्थानांतरण को 31 मार्च 2027 तक टालने की अपेक्षा जताई है। चूंकि शिक्षा विभाग के अनेक शिक्षक भी इस महत्वपूर्ण कार्य में लगाए गए हैं। इसलिए स्थानांतरण प्रक्रिया को सीमित रखने का निर्णय लिया गया है।
नए निर्देशों के मुताबिक यदि किसी शिक्षक या शिक्षिका को दिव्यांगता है। तो वह स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा उनके पति, पत्नी अथवा अविवाहित बेटे-बेटी के दिव्यांग होने की स्थिति में भी तबादले के अनुरोध पर विचार किया जाएगा।
सरकार ने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे परिवारों को भी राहत देने का प्रावधान किया है। यदि शिक्षक स्वयं, या उनके अविवाहित पुत्र अथवा पुत्री कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। अथवा नियमित डायलिसिस की आवश्यकता है। तो ऐसे मामलों में भी आवेदन स्वीकार किए जा सकेंगे। शासन का कहना है कि जनगणना जैसे बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों की उपलब्धता बनाए रखना जरूरी है। इसी कारण इस बार स्थानांतरण नीति को सीमित दायरे में लागू किया गया है। पात्र शिक्षकों के मामलों की जांच निर्धारित मानकों के आधार पर की जाएगी। योग्य पाए जाने पर ही उन्हें स्थानांतरण का लाभ दिया जाएगा।